बहुपद और द्विपद क्या है?

वे व्यंजक जिनमें ठीक एक, दो और तीन पद हों क्रमशः एकपदी, द्विपदी और त्रिपद कहलाते हैं। व्यापक रूप में, एक या अधिक पदों वाला कोई भी व्यंजक जिसमें चर के घातांक केवल ऋणेतर पूर्णांक हों, एक बहुपद कहलाता है । समान पद समान-चरों से बनते हैं तथा इन चरों की घातें भी समान होती हैं।