भाषा कैसे कार्य करती है?

समाज तथा इसके सदस्यों के अस्तित्व और चरित्र के अनेक आयाम होते हैं और इन सभी आयामों के संदर्भ में भाषा की विशिष्ट भूमिका होती है। मानव के मौखिक संवाद ही नहीं, सोच-विचार का माध्यम भी भाषा ही होती है। गहन दार्शनिक विचारणा या चिंतन की बात छोड़ भी दें। छोटी-से-छोटी बातों या सोच के लिए भी उसे भाषा का सहारा लेना पड़ता है।