मनुष्यता के लिए जरूरी भाव क्या है?

मनुष्य सही अर्थ में मनुष्य बने, इसके लिए जरूरी है व्यवहार, आचार, संस्कार एवं स्वभाव में परिवर्तन होना। शेक्सपीयर ने कहा भी है कि दुनिया में सिर्फ दो संपूर्ण व्यक्ति हैं- एक मर चुका है, दूसरा अभी पैदा नहीं हुआ है। प्रसिद्धि व धन उस समुद्री जल के समान है, जिसे जितना ज्यादा हम पीते हैं, उतने ही प्यासे होते जाते हैं।