मेरी अंडमान यात्रा यह कौन सी विधा है?

हिंदी में आत्मकथा साहित्य क्षैत्र में ” राहुल सांकृत्यायन ” की ” मेरी जीवन यात्रा ” एक अविस्मरणीय रचना हैं। ये रचना उनकी पुस्तक ” आत्मकथा ” में संकलित हैं। जिसमे राहुल जी ने अपनी जीवन यात्रा में जन्म से लेकर 63 वर्ष तक का वर्णन किया हैं।