राजा जनक को ज्ञान कैसे हुआ?

राजा जनक को एक ऋषि की ही उपाधि प्राप्त थी, उसका कारण था, उनका एक ऋषि की भांति ही रहना न की एक राजा की भाँती। राजा जनक अपना ज्यादातर समय साधना, शास्त्रार्थ, ऋषि सानिध्य में बिताते थे। अनेकों साधू संत उनके राज्य में हर समय रह कर शास्त्रार्थ द्वारा ज्ञान को बढ़ाते थे। उन्ही के सानिध्य से उनको ज्ञान की प्राप्ति हुई।