समतल दर्पण पर पड़ने वाली एक ही प्रकाश की किरण की कितनी परावर्तित किरण हो सकती है?

समतलदर्पणपरपड़नेवाली किसी एकहीप्रकाश के लिए केवल एकपरावर्तितकिरण होंगी । परावर्तित किरणः परावर्तन बिन्दु से दर्पण द्वारा वापस भेजी गई प्रकाशकिरण को परावर्तितकिरण कहते हैं।

एक समतल दर्पण पर आपतित किरण 60 डिग्री का कोण बनाती है तो परावर्तन कौन होगा?

स्पष्टीकरण: परावर्तन के नियम के अनुसार: आपतन कोण (θi) = परावर्तनकोण (θr) दिया है, आपतन कोण = 60° ⇒ परावर्तनकोण भी 60° होगा। इसलिए विकल्प 60° सही उत्त है।

 दो समांतर दर्पण के बीच कितने प्रतिबिंब दिखाई देंगे?

दो समानांतर समतल दर्पणों के बीच यदि कोई वस्तु रख दी जाए तो बनने वाले प्रतिबिंबों की संख्या अनंत होती है, क्योंकि प्रत्येक प्रतिबिंब परावर्तित होकर एक नया प्रतिबिंब बनाता है, और इस तरह यह क्रम चलता

निम्नालिखत के द्वारा बने प्रतिबिम्ब की क्या विशेषताएँ हैं?

  अवतल दर्पण से बनेप्रतिबिम्ब की विशेषताएँ निम्नलिखित हैं– <br> (i) यदि वस्तु ध्रुव व फोकस बिन्दु के बीच हो तो प्रतिबिम्ब आभासी, सीधा व वस्तु से बड़ा बनता है । <br> (ii) यदि वस्तु वक्रता केन्द्र पर

उत्तल दर्पण को कैसे पहचाने?

दर्पणों का पहचान करना जिसका परावर्तक तल अंदर की तरफ दबा होगा वह अवतल दर्पण। जिसका तल बाहर की तरफ उभरा हुआ होगा वह उत्तल दर्पण रहेगा।

भौतिकी में दर्पण क्या है?

दर्पण (Mirrors) ऐसे प्रकाशीय तल (optical surfaces) हैं जो प्रकाश की किरणों के परावर्तन (reflection) के द्वारा या तो प्रकाशपुंज को प्रत्यावर्तित कर देते हैं अथवा उसे एक बिंदु पर अभिसृत

दर्पण क्या है कितने प्रकार का होता है?

उत्तर- दर्पण दो प्रकारके होते हैं-समतल दर्पण और गोलीय दर्पण। प्रश्न 3. गोलीय दर्पण किसे कहते हैं? उत्तर- उस दर्पण को गोलीय दर्पण कहते हैं जिसका परावर्तक तल गोलीय होता है अर्थात् दबा हुआ या उभरा हुआ होता है।

अवतल दर्पण में प्रतिबिंब कैसे बनता है?

यह प्रतिबिम्ब वस्तु के आकार से बढ़ा , उल्टा तथा वास्तविक होता है। यह प्रतिबिम्ब अनंत व वक्रता केंद्र के मध्य बनता है। यदि वस्तु को दर्पण के फोकस पर रखा जाता है तब वस्तु AB को B