Bdc full form

Bdc full form – बीडीसी क्या है

भारत एक ग्रामीण देश है जिसकी 67 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है। जहां सरकार के मुखिया और क्षेत्र पंचायत सदस्य यानी बीडीसी को विकास के लिए सीधे जनता में से चुना जाता है. ब्लॉक प्रमुख बीडीसी सदस्य का प्रमुख होता है, और ब्लॉक प्रमुख का चुनाव सभी बीडीसी द्वारा किया जाता है। साथ ही, ग्राम पंचायत में कई कार्य बीडीसी को सौंपे जाते हैं, जैसे नाला बनाना, फुटपाथ स्थापित करना, और अन्य कार्य जो बीडीसी सदस्य की देखरेख में किए जाते हैं।

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क्षेत्र पंचायत के सदस्यों को संपूर्ण ग्राम सभा के प्रत्येक वार्ड से चुना जाता है, जो कि एक बड़ी ग्राम सभा में काफी बड़ा हो सकता है। यदि आप बीडीसी, चुनाव प्रक्रिया, पूर्ण फॉर्म, योग्यता और मुआवजे के बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो आप यहां ऐसा कर सकते हैं।

बीडीसी (BDC) का फुल फॉर्म (BDC Full Form)

बीडीसी हिंदी में “ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल” के लिए खड़ा है और इसे “ब्लॉक डेवलपमेंट काउंसिल” कहा जाता है। इसके अलावा, इसे “ब्लॉक डेवलपमेंट कमेटी” के रूप में भी जाना जाता है और हिंदी में इसे “क्षेत्र पंचायत सदस्य” के रूप में भी जाना जाता है। इसका संक्षिप्त नाम बीडीसी (बीडीसी) सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, और इसे कुछ क्षेत्रों में “ब्लॉक डेवलपमेंट कमेटी” के रूप में भी जाना जाता है। इसके अलावा व्यापार के क्षेत्र में यह एक जाना माना शब्द है। इस स्थान पर, इसे “व्यवसाय विकास कंपनी” के रूप में भी जाना जाता है। “बिजनेस डेवलपमेंट कंपनी” हिंदी में इसका उच्चारण कैसे किया जाता है।

बीडीसी (BDC) चुनाव प्रक्रिया (BDC Election Process)

बीडीसी चुनाव राज्य सरकार के चुनाव आयोग द्वारा देखे जाने वाली एक सीधी चुनाव प्रक्रिया का पालन करते हैं, जिसमें मतपत्र के माध्यम से मतदान होता है। इस प्रक्रिया में ग्राम सभा के निवासी घनिष्ठ रूप से शामिल होते हैं। इस उद्देश्य के लिए एक वार्ड बनाया जाता है, और केवल उस वार्ड में रहने वाले मतदाता ही मतदान करने के पात्र होते हैं। एक ग्राम पंचायत में एक से अधिक बीडीसी हो सकते हैं। इस चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवार को दिया गया नाम बीडीसी है।

बीडीसी की योग्यता (BDC Eligibility)

पंचायत चुनाव के लिए फिलहाल कोई योग्यता तय नहीं की गई है। हालांकि, उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य चुनाव आयोग 2021 के पंचायती चुनावों में सभी उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम मानदंड निर्धारित करने का इरादा रखते हैं। साथ ही चुनाव के नियमों की भी घोषणा की जा सकती है।

बीडीसी का वेतन (BDC Salary)

उत्तर प्रदेश में, बीडीसी के पद के लिए कोई पारिश्रमिक निर्धारित नहीं किया गया है, हालांकि कुछ राज्यों में इसे मानदेय के रूप में भुगतान किया जाता है। मध्य प्रदेश में, उदाहरण के लिए, क्षेत्र पंचायत सदस्य 4500 से 4800 रुपये के मानदेय के हकदार हैं। भारत में किसी भी राज्य में इस तरह से वेतन का भुगतान किया जाता है, लेकिन किसी अन्य राज्य में नहीं।

आप इस पृष्ठ पर जाकर बीडीसी के बारे में अधिक जान सकते हैं। यदि आप इस सामग्री को पसंद करते हैं या इसके बारे में अधिक जानना चाहते हैं, तो कृपया एक टिप्पणी छोड़ दें और एक सुझाव दें; आपकी टिप्पणियों को संबोधित किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए qora.in पोर्टल पर विजिट करते रहें।

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