Bhagwan parshuram mantra

आज यानि 07 मई को अक्षय तृतीया के साथ-साथ परशुराम जंयती भी मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। मान्यताओं के अनुसार इन्हें भगवान विष्णु का छठां अवतार माना जाता है तो कुछ मान्यताओं के अनुसार 18 वां माना जाता है। पौराणिक कथाओं की मानें तो इनके नाम के पीछे का कारण है इनका परसा, जो इन्हें भगवान शिव से वरदान के तौर पर प्राप्त हुआ था। पुराणों में इनके चरित्र के बारे में उल्लेख के अनुसार इनके क्रोध का कोई सानी नहीं है यानि ये बहुत क्रोधी थे। कहा जाता है कि शस्त्र और शास्त्र के ज्ञाता सिर्फ और सिर्फ़ भगवान परशुराम ही माने जाते हैं।

इनके क्रोध की सबस बड़ी उदाहरण ये है कि भगवान शिव से प्राप्त परशु अस्त्र से इन्होंने इनके की पुत्र गणेशजी पर प्रहार कर दिय जिस वजह से उनका एक दांत टूट गया था। इसके बाद ही भगवान गणेश एकदंत कहलाना शुरू हुए थे। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक भगवान परशुराम की सेवा-साधना करने वाले भक्त भूमि, धन, ज्ञान, अभीष्ट सिद्धि और दारिद्रय से मुक्ति, शत्रु नाश, संतान प्राप्ति, विवाह, वर्षा, वाक् सिद्धि आदि पाते हैं। इसके अलावा इनकी भगवान परशुराम पूजा से प्रसन्न होकर बालक, मनुष्य, देश-प्रदेश की रक्षा और महामारी आदि से भी रक्षा करते हैं।

तो आइए जानते हैं इन्हें खुश करने के कुछ साधारण मंत्रों के बारे में जिनके जाप से आज के दिन जाप करने से परशुराम जी का आशीर्वाद मिल सकती है।

परशुराम गायत्री मंत्र इस प्रकार हैं-

‘ॐ ब्रह्मक्षत्राय विद्महे क्षत्रियान्ताय धीमहि तन्नो राम: प्रचोदयात्।।’

‘ॐ जामदग्न्याय विद्महे महावीराय धीमहि तन्न: परशुराम: प्रचोदयात्।।’

‘ॐ रां रां ॐ रां रां परशुहस्ताय नम:।।’ इत्यादि।

जप-ध्यान करने के बाद दशांस हवन पायस-घृत से करें। इससे जीवन की समस्त समस्याएं दूर हो जाएंगी।