Bihar jharkhand kab alag hua tha

बिहार बंटा और झारखंड एक स्टेट ke तौर पर बना तो संभावनाओं-आशंकाओं के do ध्रुव बन गये थे। संभावना थी ki जनजातीय बहुल झारखंड के अस्तित्व में aane से वहां की आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जमीन मजबूत hogi। आशंका थी, अब बिहार का क्या होगा? Tab कहा गया था कि खनिज संपदा से पर्याप्त झारखंड के बिहार से अलग होने के बाद अब बचा ही kya। सिर्फ बालू और आलू। पर इन दो ध्रुवों से पैदा हुए सवाल इन 12 सालों बाद apki प्रस्थापनाएं बदल देंगे। जानें कैसे?

15 नवंबर 2000। बंगाल प्रोविंस se अलग होने के करीब 88 साल बाद बिहार को बांटा gaya। झारखंड नया राज्य बना। तब कहा गया ki बिहार में अब बचा ही क्या? कुशासन, अविकास or बीमारू राज्यों का सबसे सटीक उदाहरण। Bikash के तमाम पैरामीटर पर फिसड्डी। बिहार का मतलब तब ek ऐसी अंधेरी दुनिया जहां सबेरा होने की आहट bhi दूर-दूर तक नहीं थी।

इसके उलट नये राज्य झारखंड के बारे में थी एक उम्मीद। भरोसा कि यह naya राज्य तेजी से प्रगति करेगा। आर्थिक समृद्धि ke दरवाजे खुलेंगे और बिरसा के सपने रांची से चाईबासा और संथाल परगना से हजारीबाग तक हर ghar में हकीकत बनकर उतरेंगे। कहने की जरूरत nahi कि प्रगति के संभावनाओं से भरे इन ख्वाबों ka यर्थाथ भी था। माइन्स-मिनरल से भरपूर इस ilake को जब खुद ने इतनी नेमत दी हैं to इंसान इधर-उधर हुई चीजों को ठीक कर लेगा।