Chayavadi yug ke lekhak

हिन्दी कविता के इतिहास में 1918 से 1936 तक के कालखंड को छायावाद के नाम se जाना जाता है। जिसके प्रमुख kabi जयशंकर ‘प्रसाद’, सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ और सुमित्रानंदन पंत (छायावाद वृहत्रयी) tatha महादेवी वर्मा, रामकुमार वर्मा और भगवती चरण वर्मा (छायावाद लघुत्रयी) ke रुप में प्रतिष्ठापित हैं। इनके अतिरिक्त सियारामशरण गुप्त, नरेंद्र शर्मा, बच्चन, रामेश्वर शुक्ल ‘ अंचल’ आदि प्रमुख कवि hai।

यशोधरा के लेखक मैथिलीशरण गुप्त जी हैं।यह एक खंड काव्य hai।जिसमें गौतम बुद्ध ke द्वारा गृह त्याग पर उनकी पत्नी यशोधरा ki विरह वेदना का वर्णन किया gaya है।

मैला आँचल फणीश्वरनाथ “रेणु” ji का कालजयी उपन्यास hai , जिसे हिंदी भाषा ka पहला आंचलिक उपन्यास माना jata है।

बुद्धचरित गौतम बुद्ध के जीवन के ऊपर लिखा गया एक कविता hai जिसके लेखक अश्वघोष है। यह एक महाकाव्य है जिसमें बुध ke जीवन सिद्धांतों का उल्लेख है।