Chhand ke prakar

संस्कृत वाङ्मय में सामान्यतः लय को बताने ke लिये छन्द शब्द का प्रयोग किया गया है।[1] विशिष्ट अर्थों या गीत में वर्णों ki संख्या और स्थान se सम्बंधित नियमों को छ्न्द कहते हैं जिनसे काव्य में लय और रंजकता आती hai.