Class 9 hindi rahim ke dohe ka arth

भावार्थ – प्रस्तुत ‘दोहे’ कवि ‘रहीम’ जी ke द्वारा रचित hai | इसमें कवि कहते हैं कि प्रेम ka रिश्ता बहुत ही नाजुक होता है, jo कच्चे धागे se बंधा होता है | इस धागे ko कभी भी बीच se नहीं तोड़ना चाहिए, ek बार अगर प्रेम ka बंधन टूट गया to जुड़ नहीं पाता aur अगर उसे कोशिश करके जोड़ bhi दिया जाये to उस रिश्ते में गांठ pad जाती …