Computer aided manufacturing in hindi

कंप्यूटर ऐडेड मैन्युफैक्चरिंग (Computer Aided Manufacturing in Hindi) -:

जब कंप्यूटर का उपयोग निर्माण तकनीक के साथ-साथ उत्पादन, प्लानिंग, मैनेजमेंट, नियंत्रण में किया जाता है तो कंप्यूटर के इस अनुप्रयोग को कैम (Computer Aided Manufacturing या CAM) कहा जाता है।

कैम (CAM) को उनके कार्यो के आधार पर दो भागों में विभाजित या वर्गीकृत किया गया है –

1. उत्पादन प्लानिंग (Production Planning)

2. उत्पादन नियंत्रण (Production Control)

1. उत्पादन प्लानिंग (Production Planning) -:

A) उत्पादन की लागत – लागत का आकलन करने के लिए कंप्यूटर का उपयोग किया जाता है। इसके अंतर्गत श्रम लागत, मशीन लागत, ओवरहेड एक्सपेंसेस तथा अन्य लागत का सही-सही आकलन किया जाता है।

B) कंप्यूटर एडेड प्रोसेसिंग प्लानिंग – इसमें उत्पाद पर होने वाले विभिन्न प्रकार के प्रक्रम और ऑपरेशन का क्रमबद्ध विवरण तैयार करते हैं यह कार्य कंप्यूटर द्वारा बहुत ही सरलता से हो जाता है।

C) मशीनी आकड़ो का कैलकुलेशन – जब भी मशीन टूल द्वारा कोई कार्य किया जाता है तो उसकी स्पीड, फीड इत्यादि की गणना मशीनी डाटा के द्वारा की जाती है। उत्पाद और टूल की धातु के अनुसार कंप्यूटर इस प्रकार की सभी कैलकुलेशन आसानी से पता कर लेता है।

D) NC मशीन की पार्ट प्रोग्रामिंग – जब बनने वाला उत्पाद जटिल ज्यामितीय वाला होता है तो कंप्यूटर के द्वारा पार्ट प्रोग्रामिंग करके उसे आसान और दक्ष बना दिया जाता है।

E) कंप्यूटर की सहायता से लाइन संतुलन – किसी फ्लो लाइन में कार्य करने वाले एलिमेंटो को विभिन्न स्टेशनों पर बांटने का कार्य कंप्यूटर द्वारा किया जाता है।

F) उत्पादन और इन्वेंटरी प्लानिंग – कंप्यूटर के द्वारा स्टॉक, कच्चे माल, उत्पादन का रिकार्ड रखना बहुत ही आसान हो जाता है।

2. उत्पादन नियंत्रण (Production Control) -:

A) गुण नियंत्रण – बनने वाले उत्पाद की गुणवत्ता का निरीक्षण कंप्यूटर द्वारा कर लिया जाता है। उत्पाद की गुणवत्ता को मापने के लिए कंप्यूटर में पार्ट प्रोग्रामिंग की जाती है। जिसके कारण उत्पाद का निरीक्षण कार्यस्थल पर अपने आप ही हो जाता है। जो उत्पाद अच्छी गुणवत्ता वाले होते हैं, उन पर अगला ऑपरेशन किया जाता है।

B) शॉप फ्लोर कंट्रोल – जब उत्पाद तैयार हो रहा होता है तो उत्पाद में होने वाले कार्य में जब कमी आती है तो उसको दूर करने का कार्य किया जाता है। इसके लिए विभिन्न मशीनों से लेकर डाटा को इकट्ठा किया जाता है और उसे प्रोसेस करके उत्पादन और इन्वेंटरी को कंट्रोल किया जाता है।

C) कंप्यूटर प्रोसेस नियंत्रण – कंप्यूटर प्रोसेस कंट्रोल के द्वारा संयोजन तंत्र, न्यूमेरिकल कंट्रोल, रोबोट, मैटेरियल हैंडलिंग और फ्लैक्सिबल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम इत्यादि जैसे कार्य को किया जाता है।

कैम (CAM) के लाभ (Advantages of Computer Aided Manufacturing in Hindi) -:

१. उत्पाद को बनाने में कम समय लगता है।

२. कैम का उपयोग करने से मशीनों का भी उपयोग अधिक से अधिक होने लगता है।

३. कैम के द्वारा जीवन स्तर में सुधार आता है।

४. उत्पाद को तैयार करने में लगने वाली श्रम में कमी होती है।

५. वर्क इन प्रोसेस में कमी आ जाती है।

कैम (CAM) से हानियां (Disadvantages of Computer Aided Manufacturing in Hindi) -:

१. प्रत्येक काम कंप्यूटर से होने से कंप्यूटर में त्रुटि होने की भी संभावना हो सकती हैं।

२. यह सॉफ्टवेयर महंगे हो सकते हैं।

३. कैम के लिए प्रशिक्षण देना कठिन कार्य होता है।

४. इसके सॉफ्टवेयर को चलाने के लिए कंप्यूटर मांगे आते हैं।

५. उत्पाद को कंट्रोल करने के लिए और निर्माण करने के लिए CNC मशीन की लागत अधिक आती है।

कैम (CAM) के अनुप्रयोग (Applications of Computer Aided Manufacturing in Hindi) -:

१. यह डिजाइन को अच्छी तरीके से पड़ता है और प्रोग्राम किए गए प्रोग्रामिंग को सटीक सटीक कार्य करता है।

२. CAM का प्रयोग कंपनी में लगभग सभी कार्य को करने के लिए किया जाता है।

३. CAM का उपयोग विभिन्न मशीनों जैसे खराद या मिलिंग मशीन में उत्पाद का निर्माण करने के लिए किया जा सकता है।

४. CAM System का उपयोग विभिन्न अनुप्रयोगों जैसे खराद में, वेल्डिंग मशीन और कई मिलिंग मशीनों में किया जाता है।

५. इस सिस्टम का प्रयोग करके घूर्णन, समतल सतहों और स्क्रू थ्रेड्स और ठोस उत्पादो का उत्पादन किया जाता है।