Data bus in hindi

डाटा बस कंप्यूटर का एक सबसिस्टम होता है, जो कंप्यूटर के विभिन्न हिस्सों के बीच जैसे, मदरबोर्ड या सिस्टम बोर्ड और साथ ही दो कंप्यूटर के बीच डाटा ट्रांसफर करने में मदद करता है। इसमें कंप्यूटर मेमोरी और सीपीयू से दूसरे कंप्यूटर में डाटा ट्रांसफर करना भी शामिल है। प्रत्येक डाटा बस ऐसे डिजाइन होता है, जिससे वह एक साथ ढेरों सूचनाओं या डाटा को नियंत्रित कर सके। एक डाटा बस एक साथ कितनी मात्र में सामग्री स्टोर कर सकता है, उसे बैंडविड्थ कहा जाता है।

एक सामान्य डाटा बस 32 बीआईटी की क्षमता वाला होता है, इसका मतलब यह हुआ कि उस डाटा बस से प्रति सेकेंड 32 बीआईटी की सूचनाएं प्रवाहित हो सकती हैं। नए जमाने के कंप्यूटर में जो डाटा बस लगाए जा रहे हैं, वे 64 से लेकर 96 बीआईटी की क्षमता वाले हैं। कंप्यूटर निर्माण के शुरुआती दौर में निर्माणकर्ताओं ने मदरबोर्ड के साथ ही डाटा बस का निर्माण किया था, जो कंप्यूटर की मेमोरी और उसके अलग-अलग हिस्सें से सीधे तौर पर जुड़ा होता था।

इनका निर्माण इस तरह से किया गया था कि वे एक साथ कई कंप्यूटर से जुड़ सकते थे। पर, यह डायरेक्ट कनेक्शन बहुत उपयोगी नहीं था क्योंकि इस वजह से कंप्यूटर के सभी डिवाइस एक ही स्पीड से चलने पर मजबूर होते थे। इस समस्या को दूर करने के लिए प्रोग्राम डेवलपर्स ने बस कंट्रोलर का निर्माण किया, जो बस सीपीयू और मेमोरी को एक-दूसरे से अलग कर देता है, जिससे पूरे सिस्टम की स्पीड बढ़ जाती है। इस नई तकनीक से तेजी से डाटा ट्रांसफर कर पाना भी संभव हो सका।

आधुनिक कंप्यूटर में पैरेलल और सीरियल डाटा बस दोनों का उपयोग होता है। पैरेलल डाटा बस, एक साथ कई तारों पर डाटा का ट्रांसफर कर सकता है। इसमें पाथ के माध्यम से डाटा का ट्रांसफर होता है। लगभग सभी कंप्यूटर में इंटर्नल और एक्सटर्नल डाटा बस होते हैं। इंटर्नल डाटा बस जिसे लोकल बस भी कहते हैं, मदर बोर्ड, सीपीयू और मेमोरी सभी को एक-दूसरे से जोड़ने का काम करता है। एक्सटर्नल डाटा बस मदरबोर्ड के सभी बाहरी डिवाइस को जोड़ने का काम करता है।