Finger millet in hindi

इस लेख में हम रागी (Ragi / Finger Millet) की बात करने वाले है। रागी स्वास्थ के लिए बहुत फायदेमंद है, लेकिन फिर भी यह अन्य अनाज की तरह हर कोई इसका सेवन नही करता है।

रागी एक बहुत ही लाभदायक अनाज है। जो कि सरसों जैसा होता है। इसमें सबसे ज्यादा अमीनो अम्ल, मेथोनायन, कार्बोहाइड्रेट मुख्य रूप से पाया जाता है। जो कि स्टार्च वाले अनाज में पाया जाता है। इसके साथ साथ इसमें कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

रागी एक कड़क अनाज है। यह खराब नहीं होता है एवं इसका उत्पादन बहुत से देशों में होता है एवं भारत में हिमालय की ऊंचाइयों पर गाया जाता है। इसकी फसल लगभग 1 वर्ष में पक कर तैयार होती है।

इसका उपयोग भारत के आंध्र प्रदेश कर्नाटक आदि राज्यों में किया जाता है एवं इससे डबल रोटी बाटी चोखा आदि रेसिपी बनाई जाती है। रागी को मडुआ नाम से भी जाना जाता है एवं इसे अंग्रेजी भाषा में फिंगर मिलेट (Finger Millet) तथा मराठी में नाचणी नाम से जाना जाता है।

रागी में पाए जाने वाले पोषक तत्व

रागी अनाज में अमीनो अम्ल मेथोनाइन पाया जाता है एवं प्रति 100 ग्राम रागी में ये पोषक तत्व पाए जाते हैं-

कार्बोहाइड्रेट72 ग्राम
प्रोटीन7.3 ग्राम
वसा1.3 ग्राम
खनिज2.7 ग्राम
कैल्शियम3.45 ग्राम
रेशा3.45 ग्राम
ऊर्जा327 किलोकैलोरी
रागी के उपयोग 

रागी का उपयोग भारत में कर्नाटक आंध्र प्रदेश जैसे राज्य में किया जाता है। एवं रागी की आटा बनाकर डबल रोटी, सादा रोटी बनाई जाती है एवं मजे से खाई जाती है।

भारत में यह मानना है कि रागी का उपयोग ज्यादातर किसी बीमार व्यक्ति के लिए किया जाता है। एवं राखी को धोकर जिसका छिलका निकाल दिया जाता है और इसकी खिचड़ी बनाकर बीमार व्यक्ति के लिए खिलाई जाती है।

रागी का उपयोग छोटे बच्चों के लिए भी किया जाता है। रागी को धोकर पीसकर दूध में मिलाकर पकाकर खिलाया जाता है।

रागी से बहुत सी रेसिपी बनाई जाती है जैसे कि हलवा, डोसा, इडली, बाटी आदि।

रागी के फायदे 

  • रागी एक प्राकृतिक अनाज है एवं हल्का खाना है इसका दलिया खिचड़ी मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
  • रागी में कैल्शियम पाया जाता है जो की हड्डियों की मजबूती के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है।
  • रागी ( Ragi ) का सेवन अमीनिया के रोगी के लिए बहुत फायदेमंद है। अमीनिया के रोगी इसका सेवन दलिया या खिचड़ी बनाकर करें।
  • रागी का सेवन वजन कम करने (Weght loose) के लिए उपयुक्त है। क्योंकि इसमें प्राकृतिक वसा पाया जाता है।
  • स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए रागी फायदेमंद होता है। जिन महिलाओं में कमजोरी की वजह से बच्चे के लिए दूध कम होता है उनके लिए फायदेमंद है।
  • रागी ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। ब्लड प्रेशर के मरीज इसकी रोटी बनाकर खाएं तो उन्हें बहुत फायदा होगा।
  • शुगर के मरीजों के लिए रागी का सेवन उपयुक्त है क्योंकि इसमें नाम मात्र की शुगर पाई जाती है।
  • रागी एक हल्का खाना है जिससे चमकदार त्वचा एवं जवा देखने में सहायक होता है।

रागी के नुकसान

रागी एक प्राकृतिक अनाज है। जिसमें बहुत सारे पोषक तत्व पाए जाते हैं। रागी का सेवन बहुत ही फायदेमंद है। पथरी, यूरिनरी कैलकुली के मरीजों के लिए यह थोड़ा नुकसानदायक होता है। एवं इन मरीजों के लिए गाड़ी की सलाह नहीं दी जाती है।

रागी एक फायदेमंद अनाज है इसका सेवन एक सीमित मात्रा में करना चाहिए। ज्यादा सेवन करने से आपको दस्त, उल्टी, चक्कर जैसे कुछ साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं।

रागी में बहुत सारे न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इसमें कुछ मैक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, फैट और प्रोटीन होते हैं और उनके साथ ही कुछ माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जैसे विटामिंस और मिनरल्स भी पाए जाते हैं। रागी में कोलेस्ट्रोल और सोडियम बहुत ही निम्न मात्रा में पाया जाता है, जिससे यह आपके दिल के स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद है

इसके साथ ही रागी में भरपूर मात्रा में विटामिन सी और ई पाया जाता है जो आपकी स्किन और इम्यूनिटी के साथ ही आपके बालों के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। विटामिन बी कॉन्प्लेक्स जैसे थायमिन, राइबोफ्लेविन, नियासिन और फोलिक एसिड के साथ ही कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन और फास्फोरस भी रागी के आटे में भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इस तरह से यह आपके पूरे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद खाद्य पदार्थ है और इससे इसके इन्हीं गुणों के चलते सुपरफूड की श्रेणी में भी रखा जाता है। 

रागी के निश्चित पोर्शन के नियमित सेवन से नर्व इम्पल्स की कंडीशन में सुधार होता है। इसके साथ ही इसके सेवन से याददाश्त को भी फायदा पहुंचता है। रागी आपके दिमाग के मेमोरी सेंटर को एक्टिवेट करती है और आपके दिमाग को शांत करने में असरदार होती है। इसमें एमिनो एसिड ट्रिप्टोफान भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ट्रिप्टोफान ऐसा एमिनो एसिड है जो दिमाग में बनने वाले न्यूरोट्रांसमीटर सेरोटोनिन की मात्रा को बैलेंस करता है। इसे एंग्जायटी, नींद की कमी, मूड स्विंग्स आदि नियंत्रित होते हैं और आप बेहतर महसूस करते हैं।