Floppy disk kya hai

एक समय था जब floppy disk drive (FDD) ही primary means था computer में data add करने के लिए केवल तब तक ही जब तक की CD-ROM drive ज्यादा popular नहीं बन गया. यूँ कहे तो ये FDD बहुत ही key component होते थे personal computers के लिए वो भी करीब 20 वर्षों के लिए. एक floppy disk ऐसा storage medium था जिसमें की एक thin और flexible magnetic disk होती थी एक plastic carrier के भीतर. इसे सन 1970s में बहुत ज्यादा इस्तमाल किया जाता था, वहीँ early 2000 तक इसे दुसरे storage devices जिनकी ज्यादा capacity होती है, उन्होंने इसे धीरे धीरे replace कर दिया.

ये floppy disk एक प्रकार के magnetic storage medium होते हैं computer systems के. वहीँ इन floppy disk में data को read और write करने के लिए आपके computer system में एक floppy disk drive (FDD) जरुर से होना चाहिए. पहले के समय में floppy disks का इस्तमाल computer के operating system को store किया जाता था. इसलिए आज मैंने सोचा की क्यूँ न आप लोगों को फ्लॉपी डिस्क की परिभाषा के विषय में पूरी जानकारी प्रदान की जाये. जिससे आप लोगों को इस पुराने Storing device के विषय में कुछ जानने को मिले. इसलिए बिना देरी किये चलिए शुरू करते हैं और जानते हैं की फ्लॉपी डिस्क इन हिंदी.

फ्लॉपी डिस्क क्या है (What is Floppy Disk in Hindi)

Floppy Disk एक तरह की डाटा स्टोरेज डिवाइस है. इसे सबसे पहली बार सन 1969 में create किया गया, उसी वर्ष जिस वर्ष Internet की शुरुवात करी गयी. यह Secondary या External Memory का भाग है. यह मैग्नेटिक डिस्क बहुत पतली तथा लचीली होती है इसलिए इन्हें फ्लोपी डिस्क या डिस्केट कहते है. यह मेलर नाम की प्लास्टिक की शीट की बनी होती है और इसके दोनों और मैग्नेटिक सामग्री चिपकी होती है.

मैग्नेटिक डिस्क को अन्य प्लास्टिक जैकेट में बंद किया जाता है तथा मैग्नेटिक डिस्क के एक छोटे से भाग को खुला रखा जाता है. Computer में उपयोग होने वाली फ्लोपी डिस्क आकार में 5.25 इंच (जिसे मिनी फ्लोपी भी कहते है) अथवा 3.5 इंच (जिसे माइक्रो फ्लोपी भी कहते है) की होती है.

फ्लोपी डिस्क बहुत ही कम मात्रा में डाटा को स्टोर कर सकती है. पहले Computer में इसका अधिक यूज़ होता था लेकिन CD के आने के बाद से इसका अस्तित्व ही खत्म हो गया क्योंकि उसमे स्टोरेज क्षमता अधिक थी. फ्लोपी डिस्क में सारा डाटा एक गोलाकार चुम्बकीय प्लेट में स्टोर होता है और वहीं से सारी डाटा को रीड किया जाता है.

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फ्लोपी डिस्क में स्टोर डाटा को केवल फ्लोपी डिस्क ड्राइव की मदद से ही एक्सेस किया जा सकता था. ये ड्राइव Computer हार्डवेयर का वो हिस्सा है जो फ्लोपी डिस्क से डाटा को रीड करता है और फिर उसे Computer पर प्रदर्शित करता है. आईये जानते है फ्लोपी डिस्क के भाग, क्षमता आदि के बारे में विस्तार से.

फ्लॉपी डिस्क की परिभाषा

आईये जानते है इसके कुछ technical terms के बारे में :-

1. ट्रैक (Tracks)

डिस्क के क्षेत्र को कई गोलों में बांटा जाता है और इन्हें नंबर दिए जाते है. यह गोले ट्रैक कहलाते है. सबसे बाहरी गोले का नंबर 0 तथा यह अंदर की और बढ़ता जाता है. यह ट्रैक सिर्फ लॉजिकल क्षेत्र है, भौतिक नहीं.

2. TPI (Tracks Per Inch)

यह प्रति इंच पर ट्रैक की संख्या है जो डाटा का घनत्व दर्शाती है. जितना बड़ा TPI होगा उतना ही अधिक डाटा रख पायेगा.

3. सैक्टर (Sectors)

यह डिस्क पर सबसे छोटा स्टोरेज यूनिट है. एक ट्रैक के कई सेक्टर होते है. हर एक सेक्टर को नंबर दिया जाता है. पहले सेक्टर को पहचानने के लिए इंडेक्स छिद्र होता है. सेक्टर को दो तरह से नंबर दिए जाते है –

  • सॉफ्ट सेक्टरिंग : इसमें Software द्वारा सेक्टर बनाये जाते है. इन डिस्क को सॉफ्ट-सेक्टर डिस्क कहते है. यह अधिक विश्वसनीय होते है.
  • हार्ड सेक्टरिंग : इसमें अपनी पहचान के लिए एक छिद्र होता है. ऐसी डिस्क को हार्ड-सेक्टर डिस्क कहते है.

4. क्लस्टर (Clusters)

यह डिस्क का सबसे छोटा यूनिट है जिसे फाइल को दिया जा सकता है. इसमें एक या अधिक एक साथ वाले सेक्टर होते है. यह एक विशिष्ट फाइल हेतु सेक्टर्स का ग्रुप है तथा सेक्टर्स डिस्क के प्रकार पर निर्भर करते है.

5. FAT (File Allocation Table)

यह टेबल ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा प्रबंधित की जाती है जिसमे सभी उपलब्ध क्लस्टरों की जानकारी होती है. FAT में प्रत्येक क्लस्टर के स्थान और प्रयोग में है या नहीं, खराब है या नहीं, की जानकारी होती है. FAT के बिना डिस्क प्रयोग नहीं की जा सकती है. Computer भी इसे एक्सेस नहीं कर सकता है क्योंकि इसमें फाइल के एड्रेस होते है.

Floppy Disk Drive के Major Parts क्या हैं

चलिए इस Disk Drive के महत्वपूर्ण parts के विषय में जानते हैं.

Read/Write Heads

ये Located होते हैं एक diskette के दोनों ही हिस्सों में, ये एक साथ ही move करते हैं same assembly में. इनके heads directly opposite नहीं होते हैं एक दुसरे केम जिससे एक फायेदा ये होता है की प्रत्येक media surfaces में write operation को एक साथ होने से ये रक्षा करता है. इसमें समान head का इस्तमाल reading और writing के लिए होता है, वहीँ एक दूसरा wider head का इस्तमाल track को erase करने के लिए होता है. इससे ये allow करता है data को एक wider “clean slate” में लिखने के लिए, बिना कोई interfering के analog data का adjacent track के साथ.

Drive Motor

एक बहुत ही छोटी सी spindle motor engage करता है metal hub को diskette के center में, जो की इसे spinning कराता है 300 या 360 rotations per minute (RPM) में.

Stepper Motor

ये motor एक precise number की stepped revolutions का आकलन करता है, जिससे read/write head assembly, proper track position में move कर सकें. ये read/write head assembly को fastened (बांधा) जाता है stepper motor shaft के साथ.