Gaaj mata ki kahani

पुराने समय की बात है एक नगर के राजा और रानी को कोई संतान नहीं थी। संतान न होने के कारण वे हमेशा दुखी रहते थे। महारानी गाज माता की भक्ति करती थी। एक दिन रानी ने कहा कि हे गाज माता यदि मेरे गर्भ रहता है तो मैं आपके हलवा और पूरी की कढ़ाई कर दूंगी। गाज माता ने अपने भक्तों की बात सुनी और उसे पुत्र प्राप्ति का वरदान दिया।कुछ दिनों पश्चात महारानी के एक लड़का हुआ पर वह कढ़ाई करना भूल गई। इससे गाज माता रूष्ट हो गई और गाज माता ने सोचा कि महारानी तो मुझे भूल गई है और 1 दिन रानी का लड़का पालने में सोया हुआ था तब एक भयंकर गरजती हुई बादली आई और महारानी के लड़के को उठाकर अपने साथ ले गई।