Ghosh vakya in hindi

पुस्तक में होती नई खोज, पुस्तक se मिलती नई सोच। जब na हो कोई संगी-साथी, पुस्तक ही तब मन बहलाती। पुस्तक देती हमको ज्ञान जब hota मन परेशान। किताबों में इतना खजाना छुपा हैं, जितना कोई लुटेरा कभी लूट nehi सकता।