Iron kitne prakar ke hote hain

लोहा
लोहा एक मूलभूत सामग्री है जिसका लौह अयस्‍क से निष्‍कर्षण किया जाता है। शुद्ध लोहे का गलनांक 1530 डिग्री सेंटीग्रेड है और इसका घनत्‍व 7.86 ग्राम/सीसी है।
लोहा बनाना
लोहा बनाना संबंधित परिवर्तक एजेंट (परिवर्तक) का उपयोग करके लौह अयस्‍क के परिवर्तन की प्रक्रिया है।
हॉट मेटल (द्रव्‍य लोहा)
यह एक गर्म, द्रव्‍य और धात्विक उत्‍पाद है जो लौह अयस्‍क को परिवर्तित (सामान्‍यतया ब्‍लास्‍ट फर्नेस या कोरेक्‍स फर्नेस में) करके प्राप्‍त किया जाता है।
इसमें लगभग 93-94% लोहा (एफई) और अन्‍य तत्‍व/अशुद्धियां, जैसे कार्बन (4% ), सिलिकॉन (~ 1% ), मेंगनीज (+ 1% ), सल्‍फर और फास्‍फोरस होता है।
एकीकृत इस्‍पात संयंत्रों में इस्‍पात का उत्‍पादन करने के लिए हॉट मेटल एक प्रमुख आदान है।
पिग आयरन
यह एक ठोस (लम्‍पी) उत्‍पाद है जो पिग कास्टिंग मशीन में हॉट मेटल का घनीभवन करके प्राप्‍त किया जाता है।
विशिष्‍ट हम्‍पी शेप के कारण इसे पिग या पिग आयरन कहा जाता है। इसका मोटे तौर पर 2 श्रेणियों/ग्रेडों में उत्‍पादन किया जाता है।

फाउन्‍डरी ग्रेड पिग आयरन
कुपोला फर्नेस का उपयोग करते हुए कास्‍ट आयरन (सीआई) कास्टिंग्‍स का उत्‍पादन करने के लिए फाउंडरी में पिग आयरन का उपयोग किया जाता है।
मूलभूत/इस्‍पात बनाने के लिए ग्रेड पिग आयरन

पिग आयरन (हॉट मेटल सहित) का उपयोग इस्‍पात का उत्‍पादन करने के लिए किया जाता है।

  • प्रत्‍यक्ष परिवर्तित लोहा: यह एक ठोस धात्विक लोहा उत्‍पाद है जो द्रव्‍य के रूप में परिवर्तित किए बिना, जैसाकि धमन भट्टी में होता है, उच्‍च ग्रेड के लौह अयस्‍क के प्रत्‍यक्ष परिवर्तन से प्राप्‍त किया जाता है।
  • स्‍पंज आयरन: स्‍पंज आयरन स्‍पंजी माइक्रो स्‍ट्रक्‍चर के कारण प्रत्‍यक्ष परिवर्तित लोहे को स्‍पंज आयरन भी कहा जाता है।
  • हॉट ब्रिकेटिड आयरन: कभी-कभी भट्टी से निकलने वाले डीआरआई/एसआई को ढुलाई/इस्‍पात बनाने की भट्टी में चार्जिंग की सुविधा के लिए अपेक्षाकृत बड़े कॉम्‍पेक्‍ट मास अर्थात ब्रिकेट्स में परिवर्तित किया जाता है जिसे हॉट ब्रिकेटिड आयरन (एचबीआई) कहा जाता है।
  • एसआई/डीआरआई/एचबीआई का उत्‍पादन रोटरी क्लिन (कोयला आधारित संयंत्रों में) में नॉन-कोकिंग कोल की सहायता से या शाफ्ट भट्टी (जिसे गैस आधारित संयंत्र कहा जाता है) में प्राकृतिक गैस की सहायता से लौह अयस्‍क पेलेट्स या उच्‍च किस्‍म के लौह अयस्‍क लम्‍प्‍स को परिवर्तित करके किया जाता है।
  • इलेक्ट्रिक भट्टियों जैसे इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस (ईएएफ) या इंडक्‍शन फर्नेस (ईआईएफ) में इस्‍पात का उत्‍पादन करने के लिए मुख्‍य रूप से एसआई/डीआरआई/एचबीआई का उपयोग (स्‍टील मेल्टिंग स्‍क्रैप के प्रतिस्‍थानी के रूप में) किया जाता है। तथापि, टिसको अपनी धमन भट्टी में इसका उपयोग लौह अयस्‍क या/सिंटर के प्रतिस्‍थानी के रूप में कर रही है।

) ‘ इस्‍पात’ और ‘ इस्‍पात उत्‍पादों’ से संबंधित शब्‍द:
 इस्‍पात:
 इस्‍पात एक लोहा आधारित अलॉय है जिसमें कार्बन, सिलिकॉन, मेंगनीज आदि होता है।
इस्‍पात बनाना
इस्‍पात बनाना स्‍टील मेल्टिंग शॉप्‍स (एसएमएस) में उपयुक्‍त फ्लक्सिस की मौजूदगी में चार्ज सामग्री (हॉट मेटल/स्‍क्रैप/डीआरआई) में मौजूद अशुद्धियों के चुनिंदा ऑक्‍सीकरण की प्रक्रिया है।

रूप/आकृति/आकार के अनुसार इस्‍पात/इस्‍पात उत्‍पाद:

द्रव्‍य इस्‍पात:

स्‍टील मेल्टिंग शॉप (एलडी परिवर्तक/इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस/इलेक्ट्रिक इंडक्‍शन फर्नेस/ऊर्जा इष्‍टतमीकरण भट्टी) से तत्‍काल गर्म पिघला हुआ इस्‍पात उत्‍पाद। यह पुन: इनगॉट्स/सेमिस में ढाला जाता है। एसएमएस से प्राप्‍त सह-उत्‍पाद को एसएमएस स्‍लेग कहा जाता है।

इनगॉट इस्‍पात (इनगॉट्स):  

  • पारम्‍परिक, वर्टिकल, कॉस्‍ट आयरन मोल्‍ड्स, जो पुन: गर्म करने के बाद इंटरमीडिएट/सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद में रोलिंग करने के लिए अभिप्रेत हैं, में द्रव्‍य इस्‍पात के घनीभवन से प्राप्‍त होने वाला प्रमुख ठोस उत्‍पाद है।
  • इनगॉट्स सामान्‍यतया बहुत बड़े और भारी होते हैं जिनका वजन 15-20 टन तक भिन्‍न-भिन्‍न होता है।

पेन्सिल इनगॉट्स:
मिनी इस्‍पात संयंत्रों में किलोग्रामों में छोटे इनगॉट्स का उत्‍पादन किया जाता है।
सेमी-फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पाद (सेमिज):
हॉट रोलिंग/इनगॉट्स की फोर्जिंग से (पारम्‍परिक प्रक्रिया में) अथवा द्रव्‍य इस्‍पात की निरंतर कास्टिंग से प्राप्‍त मध्‍यवर्ती ठोस इस्‍पात उत्‍पादों को सेमिज कहा जाता है। इन्‍हें सेमिज इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि ये फिनिश्‍ड स्‍टील उत्‍पादों का उत्‍पादन करने के लिए आगे रोलिंग/फोर्जिंग करने के लिए अभिप्रेत होते हैं।
सेमिज की विभिन्‍न किस्‍में निम्‍नलिखित हैं:-

  • ब्‍लूम्‍स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद है, आम तौर पर यह 5’’X 5’’ (125 मि.मी. X 125 मि.मी.) से अधिक क्रास सेक्‍शनल आकार के वर्गाकार (कभी-कभी आयताकार) होता है। कुछ आधुनिक मिलों में, ब्‍लूम शब्‍द का उपयोग 8’’X 8’’ से अधिक क्रास सेक्‍शनल आकार के ऐसे उत्‍पादों को कवर करने के लिए किया जाता है।

    ये सामान्‍यतया हॉट रोलिंग द्वारा हैवी सेक्‍शनों और शीट पाइलिंग सेक्‍शन का उत्‍पादन करने के लिए आदान हैं।

    कभी-कभी, जैसाकि वीएसपी में होता है, बिलेट मिल में हॉट रोलिंग द्वारा बिलेट्स का उत्‍पादन करने के लिए ब्‍लूम्‍स का उपयोग किया जाता है।
  • बिलेट्स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद है जो ब्‍लूम्‍स के समान है, लेकिन अपेक्षाकृत कम क्रास सेक्‍शनल आकार (सामान्‍यतया 5’’X 5’’ /7’’X 7’’ आकार का या इससे कम आकार का) का होता है। लम्‍बे फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पादों अर्थात बार्स और रॉड्स, लाइट सेक्‍शनों आदि के उत्‍पादन के लिए आदान के रूप में इनका उपयोग किया जाता है।
  • स्‍लैब्‍स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड आयताकार, चौड़ा, सेमी-फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पाद है जिसका उपयोग हॉट रोल्‍ड फ्लैट उत्‍पादों अर्थात प्‍लेट्स, शीट्स, स्ट्रिप्‍स आदि का उत्‍पादन करने के लिए किया जाता है। ये सामान्‍यतया 150-250 मि.मी. चौड़े होते हैं जिनमें चौड़ाई मोटाई का कम से कम 3 या 4 गुणा होती है।
  • पतले स्‍लैब्‍स: आधुनिक थिन कास्टिंग मशीन में, द्रव्‍य इस्‍पात की सीधे 35-50 मि.मी. के अपेक्षाकृत अधिक पतले स्‍लैब्‍स में लगातार ढलाई की जाती है जिनका उपयोग हीटिंग ऑन-लाइन पर फिनिश्‍ड हॉट रोल्‍ड फ्लैट उत्‍पादों के उत्‍पादन के लिए किया जाता है।

) ‘ इस्‍पात’ और ‘ इस्‍पात उत्‍पादों’ से संबंधित शब्‍द:
 इस्‍पात:
 इस्‍पात एक लोहा आधारित अलॉय है जिसमें कार्बन, सिलिकॉन, मेंगनीज आदि होता है।
इस्‍पात बनाना
इस्‍पात बनाना स्‍टील मेल्टिंग शॉप्‍स (एसएमएस) में उपयुक्‍त फ्लक्सिस की मौजूदगी में चार्ज सामग्री (हॉट मेटल/स्‍क्रैप/डीआरआई) में मौजूद अशुद्धियों के चुनिंदा ऑक्‍सीकरण की प्रक्रिया है।

रूप/आकृति/आकार के अनुसार इस्‍पात/इस्‍पात उत्‍पाद:

द्रव्‍य इस्‍पात:

स्‍टील मेल्टिंग शॉप (एलडी परिवर्तक/इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस/इलेक्ट्रिक इंडक्‍शन फर्नेस/ऊर्जा इष्‍टतमीकरण भट्टी) से तत्‍काल गर्म पिघला हुआ इस्‍पात उत्‍पाद। यह पुन: इनगॉट्स/सेमिस में ढाला जाता है। एसएमएस से प्राप्‍त सह-उत्‍पाद को एसएमएस स्‍लेग कहा जाता है।

इनगॉट इस्‍पात (इनगॉट्स):  

  • पारम्‍परिक, वर्टिकल, कॉस्‍ट आयरन मोल्‍ड्स, जो पुन: गर्म करने के बाद इंटरमीडिएट/सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद में रोलिंग करने के लिए अभिप्रेत हैं, में द्रव्‍य इस्‍पात के घनीभवन से प्राप्‍त होने वाला प्रमुख ठोस उत्‍पाद है।
  • इनगॉट्स सामान्‍यतया बहुत बड़े और भारी होते हैं जिनका वजन 15-20 टन तक भिन्‍न-भिन्‍न होता है।

पेन्सिल इनगॉट्स:
मिनी इस्‍पात संयंत्रों में किलोग्रामों में छोटे इनगॉट्स का उत्‍पादन किया जाता है।
सेमी-फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पाद (सेमिज):
हॉट रोलिंग/इनगॉट्स की फोर्जिंग से (पारम्‍परिक प्रक्रिया में) अथवा द्रव्‍य इस्‍पात की निरंतर कास्टिंग से प्राप्‍त मध्‍यवर्ती ठोस इस्‍पात उत्‍पादों को सेमिज कहा जाता है। इन्‍हें सेमिज इसलिए कहा जाता है क्‍योंकि ये फिनिश्‍ड स्‍टील उत्‍पादों का उत्‍पादन करने के लिए आगे रोलिंग/फोर्जिंग करने के लिए अभिप्रेत होते हैं।
सेमिज की विभिन्‍न किस्‍में निम्‍नलिखित हैं:-

  • ब्‍लूम्‍स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद है, आम तौर पर यह 5’’X 5’’ (125 मि.मी. X 125 मि.मी.) से अधिक क्रास सेक्‍शनल आकार के वर्गाकार (कभी-कभी आयताकार) होता है। कुछ आधुनिक मिलों में, ब्‍लूम शब्‍द का उपयोग 8’’X 8’’ से अधिक क्रास सेक्‍शनल आकार के ऐसे उत्‍पादों को कवर करने के लिए किया जाता है।

    ये सामान्‍यतया हॉट रोलिंग द्वारा हैवी सेक्‍शनों और शीट पाइलिंग सेक्‍शन का उत्‍पादन करने के लिए आदान हैं।

    कभी-कभी, जैसाकि वीएसपी में होता है, बिलेट मिल में हॉट रोलिंग द्वारा बिलेट्स का उत्‍पादन करने के लिए ब्‍लूम्‍स का उपयोग किया जाता है।
  • बिलेट्स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड उत्‍पाद है जो ब्‍लूम्‍स के समान है, लेकिन अपेक्षाकृत कम क्रास सेक्‍शनल आकार (सामान्‍यतया 5’’X 5’’ /7’’X 7’’ आकार का या इससे कम आकार का) का होता है। लम्‍बे फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पादों अर्थात बार्स और रॉड्स, लाइट सेक्‍शनों आदि के उत्‍पादन के लिए आदान के रूप में इनका उपयोग किया जाता है।
  • स्‍लैब्‍स: यह एक सेमी-फिनिश्‍ड आयताकार, चौड़ा, सेमी-फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पाद है जिसका उपयोग हॉट रोल्‍ड फ्लैट उत्‍पादों अर्थात प्‍लेट्स, शीट्स, स्ट्रिप्‍स आदि का उत्‍पादन करने के लिए किया जाता है। ये सामान्‍यतया 150-250 मि.मी. चौड़े होते हैं जिनमें चौड़ाई मोटाई का कम से कम 3 या 4 गुणा होती है।
  • पतले स्‍लैब्‍स: आधुनिक थिन कास्टिंग मशीन में, द्रव्‍य इस्‍पात की सीधे 35-50 मि.मी. के अपेक्षाकृत अधिक पतले स्‍लैब्‍स में लगातार ढलाई की जाती है जिनका उपयोग हीटिंग ऑन-लाइन पर फिनिश्‍ड हॉट रोल्‍ड फ्लैट उत्‍पादों के उत्‍पादन के लिए किया जाता है।

ये फिनिश्‍ड इस्‍पात उत्‍पाद हैं जिनका उत्‍पादन सामान्‍यतया प्रयोज्‍य आकृति/आकार में करने के लिए ब्‍लूम्‍स/बिलेट्स/पेन्सिल इनगॉट्स की हॉट रोलिंग द्वारा किया जाता है।

वायर रॉड्स को छोड़ कर, जिनकी आपूर्ति वूंड क्‍वाइल्‍स में अनियमित रूप से की जाती है, इनकी आपूर्ति आम तौर पर सीधी लम्‍बाई/कट लेंग्‍थ में की जाती है।

लम्‍बे उत्‍पादों की विभिन्‍न किस्‍में निम्‍नलिखित हैं:

  • बार्स और रॉड्स: ये लम्‍बे इस्‍पात उत्‍पाद हैं जो सामान्‍यतया बिलेट्स/ब्‍लूम्‍स की हॉट रोलिंग/फोर्जिंग से प्राप्‍त होते हैं। इनमें राउन्‍ड्स, फ्लैट्स (फ्लेट बार्स), वर्ग, षड्भुज, अष्‍ठभुज आदि शामिल हैं, जिनका उपयोग पुन: प्रोसेसिंग के साथ/बिना इंजीनियरी और कृषि, घरेलू वस्‍तुओं, फर्नीचर क्षेत्र आदि में व्‍यापक किस्‍म के उत्‍पादों का उत्‍पादन करने के लिए सीधे किया जाता है।
  • सीटीडी (कोल्‍ड-वर्क्‍ड ट्विस्टिड और डिफार्म्‍ड)/टीएमटी (थर्मो मेकेनिकली ट्रीटिड) बार्स और रॉड्स: इंडेटेशन्‍स/रिब्‍स के साथ हॉट रोल्‍ड राउंड बार्स/रॉड्स, जिनकी आपूर्ति सामान्‍यतया सीधी लम्‍बाई अथवा लिपटे हुए बंडलों में की जाती है। सिविल निर्माण-कार्यों में इनका सीधे उपयोग किया जाता है।
  • वायर रॉड्स: क्‍वाइल रूप में हॉट रोल्‍ड प्‍लेन बार/राड्स (अर्थात दन्‍तुरीकरण के बिना), जिसका उपयोग सामान्‍यतया इस्‍पात की तारें बनाने और कभी-कभी स्‍टील ब्राइट बार्स बनाने के लिए किया जाता है।
  • एंग्‍ल्‍स, आकृति और सेक्‍शन: ब्‍लूम्‍स/बिलेट्स की हॉट रोलिंग द्वारा प्राप्‍त हॉट रोल्‍ड स्‍ट्रक्‍चरल सेक्‍शंस। इनमें एंगल, चैनल, ग्राइडर्स, कडि़यां, आई.बीम, एच.बीम आदि शामिल हैं जिनका उपयोग सिविल/यांत्रिक निर्माण-कार्यों के लिए किया जाता है।
  • पटरियां: ब्‍लूम्‍स/बिलेट्स की हॉट रोलिंग से प्राप्‍त हॉट रोल्‍ड रेल सेक्‍शंस। रेल की पटरियों/ट्राम की पटरियों में इस्‍तेमाल किया जाता है जिस पर रेल/ट्राम चलती है।
  • तारें: तारों का उत्‍पादन कार्य डाई के जरिए तारों की छड़ों की कोल्‍ड ड्राइंग द्वारा किया जाता है। इनकी आपूर्ति सामान्‍यतया क्‍वाइल्‍स में की जाती है।
  • ब्राइट बार्स: ये कोल्‍ड ड्रॉन/ग्राउंड/पील्‍ड प्‍लेन बार्स है जिनका हॉट रोल्‍ड प्‍लेन बार्स/वायर राड्स से उत्‍पादन किया जाता है (ये इस्‍पात मंत्रालय के कार्य क्षेत्र में नहीं आती हैं बल्कि औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग के कार्य क्षेत्र में आती हैं)।

फ्लैट उत्‍पाद (फ्लैट रोल्‍ड उत्‍पाद):
फ्लैट रोल्‍स का उपयोग करके रोलिंग मिलों में स्‍लैब्‍स/पतले स्‍लैब्‍स से उत्‍पादित फिनिश्‍ड इस्‍पात थिन फ्लैट उत्‍पाद। इनकी आपूर्ति आवश्‍यकता के अनुसार हॉट रोल्‍ड (एचआर), कोल्‍ड रोल्‍ड (सीआर) अथवा कोटिड स्थिति में की जाती है।
फ्लैट उत्‍पादों की विभिन्‍न किस्‍में निम्‍नलिखित हैं:

  • प्‍लेट: ये + 500 मि.मी. चौड़े और (+ ) 5 मि.मी. मोटे फ्लैट फिनिश्‍ड उत्‍पाद हैं जिनकी आपूर्ति कट/सीधी लम्‍बाई में की जाती है। सामान्‍यतया प्‍लेटों का उत्‍पादन/आपूर्ति विशिष्‍ट ऊष्‍मा उपचार के साथ या उसके बिना हॉट रोल्‍ड स्थिति में की जाती है।
  • शीट: ये + 500 मि.मी. चौड़े और (+ ) 5 मि.मी. मोटे थिन फ्लैट इस्‍पात उत्‍पाद हैं जिनकी आपूर्ति कट/सीधी लम्‍बाई में की जाती है। शीटों का उत्‍पादन/आपूर्ति हॉट रोल्‍ड/कोल्‍ड रोल्‍ड/कोटिड स्थिति में की जाती है और तदनुसार इन्‍हें हॉट रोल्‍ड (एचआर) शीट या कोल्‍ड रोल्‍ड (सीआर) शीट या कोटिड शीट कहा जाता है।
  • स्ट्रिप्‍स: ये हॉट/कोल्‍ड/कोटिड फ्लैट रोल्‍ड उत्‍पाद हैं। इनकी आपूर्ति सुपर परतों की नियमित लिपटी क्‍वाइल्‍स में की जाती है। तदनुसार, इन्‍हें एचआर स्ट्रिप्‍स या सीआर स्ट्रिप्‍स या कोटिड स्ट्रिप्‍स कहा जाता है। चौड़ाई के अनुसार, स्ट्रिप्‍स को निम्‍नानुसार चौड़ी स्ट्रिप या सीमित स्ट्रिप में उप-वर्गीकृत किया जाता है:
  • चौड़ी स्ट्रिप: 600 मि.मी. या इससे चौड़ी स्ट्रिप। भारत में इसे क्‍वाइल और यूरोप आदि में इसे वाइड क्‍वाइल्‍स कहा जाता है। तदनुसार, इनके लिए एचआर क्‍वाइल्‍स/वाइड क्‍वाइल्‍स या सीआर क्‍वाइल्‍स/वाइड क्‍वाइल्‍स आदि शब्‍द आम तौर पर इस्‍तेमाल किए जाते हैं।
  • सीमित स्ट्रिप: 600 मि.मी. से कम चौड़ी स्ट्रिप्‍स।

हॉट रोल्‍ड (एचआर) फ्लैट उत्‍पाद का उत्‍पादन प्‍लेट मिलों (जो प्‍लेटों का उत्‍पादन करती हैं) या हॉट स्ट्रिप मिल्‍स (जो स्ट्रिप्‍स का उत्‍पादन करती हैं) में ऊंचे तापमान (1000 डिग्री सें. से अधिक) पर स्‍लैब्‍स/थिन स्‍लैब्‍स की रि-रोलिंग द्वारा किया जाता है। सीआर शीट का उत्‍पादन करने के लिए सीआर स्ट्रिप काटी जाती हैं। कम मोटाई, बेहतर/चमकीली फिनिश, कम आयामी सह्यता और विशिष्‍ट यांत्रिक/धातुकर्मीय विशेषताओं द्वारा सीआर स्ट्रिप्‍स/शीटों की अभिलक्षणा की जाती है। इनका उपयोग सीधे आटोमोबाइल्‍स (कार, स्‍कूटर, मोटरसाइकिल आदि), व्‍हाइट गुड्स, उपभोक्‍ता वस्‍तुओं आदि में या कोटिड शीट उत्‍पादों के उत्‍पादन में किया जाता है।