Kali mitti ka dusra naam

केरल में काली मिट्टी को ‘शाली’ का नाम दिया गया है और वहीँ उत्तर भारत में काली मिट्टी को ‘केवाल’ नाम से जाना जाता है। काली मिट्टी में भी नाइट्रोजन एवं फॉस्फोरस की मात्रा अधिक नही पायी जाती है, क्योंकि इसमें लोहा, चूना, मैग्नीशियम एवं एलूमिना की मात्रा अधिक पायी जाती है।