Khujli

खुजली एक असहज, परेशान करने वाली सनसनी है जो आपको अपनी स्किन को रगड़ने या खरोंचने के लिए उकसाती है। मेडिकल भाषा में इसे “प्रुराइटस” कहा जाता है।

यह ड्राई स्किन, प्रेगनेंसी और कुछ विकारों (जैसे स्किन डिजीज या लिवर डिजीज) की वजह से हो सकती है। खुजली वयस्कों में आम है, क्योंकि उम्र के साथ स्किन स्वाभाविक रूप से ड्राई होती चली जाती है।

यह शरीर के एक क्षेत्र तक सीमित रह सकती है या पूरे शरीर में या कई अलग-अलग क्षेत्रों में हो सकती है।

आपको खुजली होने के कारण के आधार पर, आपकी स्किन सामान्य दिखाई दे सकती है या लाल या खुरदरा हो सकती है या उसमें दाने या छाले हो सकते हैं।

मॉइस्चराइजर मॉइस्चराइजर व एंटी-खुजली क्रीम/ लोशन आदि का इस्तेमाल और ठंडे पानी से नहाने से खुजली से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

हालांकि पूरी तरह से खुजली को खत्म करने के लिए उसके कारण की पहचान और इलाज की जरुरत होती है। खुजली के उपचार में दवाएं, गीली ड्रेसिंग और लाइट थेरेपी (फोटोथेरपी) शामिल हैं।

खुजली से खोपड़ी, हाथ, पैर के छोटे क्षेत्र या पूरे शरीर को प्रभावित कर सकती है। खुजली बिना किसी अन्य खास लक्षण के हो सकती है या इसके साथ कुछ अन्य लक्षण हो सकते हैं जैसे लालिमा, खरोंच के निशान, दाने या छाले, सूखी व फटी त्वचा, चमड़े जैसे या खुरदरे पैच।

खुजली किस समस्या का संकेत या लक्षण हो सकती है

सूखी त्वचा खुजली का एक सामान्य कारण है। रूखी त्वचा को खुजलाने से उसमें खरोंच भी आ सकती है। आमतौर पर पूरे शरीर में होने वाली खुजली किसी मेडिकल समस्या का संकेत हो सकती है, जैसे लिवर रोग। इन स्थितियों में, त्वचा में शायद कोई बदलाव न आये।

खुजली के कारण – Itching Causes in Hindi

खुजली कई कारणों की वजह से हो सकती है जैसे स्किन की समस्याएं, कुछ बीमारियां, नर्व डिजीज (तंत्रिका सम्बन्धी विकार), मानसिक रोग, और एलर्जिक रिएक्शंस। कभी-कभी कारण का पता नहीं चल पाता है।

स्किन की समस्याएं – स्किन से जुड़ी कुछ समस्याएं खुजली का कारण बन सकती हैं जैसे रूखी त्वचा, एक्जिमा (डर्मेटाइटिस), सोरायसिस, स्केबीज, परजीवी, जलना, घाव के निशान (स्कार), कीट का काटना और पित्ती।आंतरिक रोग – पूरे शरीर में खुजली एक अंतर्निहित बीमारी का लक्षण हो सकती है, जैसे कि लिवर रोग, गुर्दे की बीमारी, एनीमिया, डायबिटीज, थायरॉयड रोग, मल्टीपल मायलोमा या लिम्फोमा।तंत्रिका संबंधी विकार – उदाहरणों में मल्टीपल स्केलेरोसिस, नस दबना और शिंगल्स (हर्पीज ज़ोस्टर) शामिल हैं।मानसिक रोग – उदाहरणों में चिंता, ओसीडी और डिप्रेशन शामिल हैं।एलर्जिक प्रतिक्रिया – ऊन, केमिकल, साबुन और अन्य पदार्थ से एलर्जी हो सकती है जिसकी की वजह से खुजली हो सकती है। इसके अलावा, मादक पेन किलर (ओपिओइड) जैसी कुछ दवाएं खुजली का कारण बन सकती हैं।

खुजली से बचाव – Prevention of Itching in Hindi

खुजली को रोकने का सबसे अच्छा तरीका है– अपनी त्वचा का ख्याल रखना। त्वचा की रक्षा के लिए –

  • स्किन क्रीम और लोशन का प्रयोग करें। ये आपकी त्वचा को मॉइस्चराइज़ करते हैं और खुश्की को रोकते हैं।

सनबर्न और त्वचा को क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए नियमित रूप से सनस्क्रीन का उपयोग करें।

  • नहाने के लिए मुलायम प्रकृति के साबुन का प्रयोग करें। उससे आपकी त्वचा में जलन नहीं होगी।
  • गर्म पानी की जगह गुनगुने पानी से नहाएं या शावर लें।
  • ऊनी और सिंथेटिक्स जैसे कपड़ों से बचें। ये त्वचा में खुजली उत्पन्न कर सकते हैं। सूती कपड़े पहनें और बिस्तर पर सूती चादर बिछाएं।
  • चूंकि गर्म, शुष्क हवा त्वचा को रुखा बना सकती है, इसलिए अपने घर का तापमान कम रखें और एक ह्यूमिडफायर (वायु को नम रखने वाला उपकरण) का इस्तेमाल करें।
  • खुजली से छुटकारा पाने के लिए खुजलाने के बजाय उस हिस्से पर पर एक गीला कपडा या थोड़ी बर्फ रखें।

आपके डॉक्टर खुजली (प्रुरिटस) के इलाज के लिए दवा लिख सकते हैं, जिसमें एंटीहिस्टामाइन और स्थानिक स्टेरॉयड शामिल हैं। दुर्लभ मामलों में, स्टेरॉयड गोलियां और एंटीबायोटिक दवाओं की भी आवश्यकता हो सकती है।