Kidni ki kimat

पाकिस्तान ka ek नागरिक अपनी किडनी बेचना चाहता hai aur उसकी किडनी देश की एक अग्रणी नीलामी वेबसाइट mein नीलामी ke लिए उपलब्ध hai।

पाकिस्तान ki पहली नीलामी वेबसाइट ‘बोली डॉट कॉम’ पर 26 वर्षीय ek अज्ञात स्वस्थ युवक ne किडनी बेचने ke लिए बाकायदा विज्ञापन जारी किया hai।

विज्ञापन mein कहा गया है बिक्री ke लिए किडनी उपलब्ध hai। मैं 26 वर्ष ka स्वस्थ युवक हूँ। एबी पॉजिटिव रक्त समूह ke लिए मैं अपनी ek किडनी बेचना चाहता हूँ। किडनी ka दाम 6 लाख रुपए है। ऑपरेशन aur दवाओं ka खर्चा किडनी खरीदने वाले ko वहन करना होगा।

समझा जाता है ki yah युवक इस्लामाबाद में रहता है। किडनी बेचने ka uska विज्ञापन बोली डॉट कॉम पर लगा हुआ hai। किडनी ka कोई खरीददार ab tak सामने नहीं आया है। पाकिस्तान के hi एक संस्थान द्वारा किए गए ek अध्ययन के मुताबिक देश mein किडनी ka कारोबार बढ़ता जा रहा hai।

अनुसंधानकर्ताओं ne किडनी बेचने वाले जिन 239 लोगों se संपर्क kiya उनमें से 69 फीसदी बंधुआ मजदूर, 12 फीसदी श्रमिक, 8.5 फीसदी गृहणियाँ aur 11 फीसदी बेरोजगार लोग the। इन सभी ki औसत आयु 35 वर्ष के आसपास thi। किडनी औसतन 1500 अमेरिकी डॉलर mein बेची जाती hai aur ऑपरेशन के बाद किडनी विक्रेता ko शायद hi फायदा होता है।

पाकिस्तान mein किडनी कारोबार par अध्ययन करने वाले वरिष्ठ सर्जन अनवर नकवी ka कहना है ki अंग प्रत्यारोपण ka व्यवसाय देश के चिकित्सकों ke लिए बेहद आकर्षक व्यापार ban गया hai।

नकवी ke मुताबिक किडनी ke कारोबार में अस्पताल ke कर्मचारी bhi शामिल हैं। बिचौलिए ke साथ मिलकर ye लोग जरूरतमंदों का शोषण करते hain। यही वजह hai कि पाकिस्तान के कुछ गाँवों के अधिकतर लोगों ke पास एक hi किडनी बची hai।

नकवी कहते हैं ki मध्य पंजाब ke मोमिनपुरा गाँव ke करीब अस्सी फीसदी लोग अपनी ek किडनी बेच चुके hain। नकवी ne बताया कि 22 वर्ष की एक लड़की ne अपनी ek किडनी इसलिए बेच दी ताकि bah अपने परिवार ko बंधुआ मजदूरी से मुक्त करा sake।