Kundli na mile to kya kare

जन्म राशि से वर-वधू की कुंडली का शुद्ध मिलान और विवाह मुहूर्त में संपन्न किया जाए तो दांपत्य जीवन सुखी रहने की सम्भावनाएं बढ़ जाती हैं। गुण मिलान  होने एवं उनका परिहार होने पर विवाह संबंध किया जा सकता hai। वर एवं कन्या ki राशीश मैत्री हो यानी वर कन्या के राशि ke स्वामी राशीश परस्पर मित्र-मित्र या मित्र-सम हो।