Machhali

पहले तो आपको बता दें कि जैसे आपको आराम की जरूरत होती है, वैसे ही मछलियों को भी आराम की जरूरत होती है. इसलिए मछलियां भी रेस्ट करती हैं और सोती भी हैं. लेकिन, मछलियां इंसानों की तरह नहीं होती है कि एक बार रात में सोए तो सुबह 8 बजे तक भी काफी मशक्कत के उठे. मछलियां पूरे दिन में कभी भी सोकर अपनी थकान की भरपाई कर लेती हैं. कभी दिन में तो कभी रात में. मछलियां पूरे दिन में कई बार थोड़ी-थोड़ी देर के लिए सोती हैं, लेकिन सोते वक्त उनका दिमाग एक्टिव रहता है. ऐसा नहीं है मछलियां अन्य जानवरों की तरह गहरी नींद में सोए.

कहां सोती हैं मछलियां?

मछलियां अक्सर पानी के अंगर ही सोती है. आपने देखा होगी कि एक्वेरियम में रखी मछली भी कई बार कुछ देर के लिए तैरना बंद कर देती है. इस वक्त वो आराम ही करती है. वैसे कई मछलियां नदी, तालाब आदि के किनारे पर रेस्ट करती हैं. ऐसे ही एक्वेरियम में भी मछलियां एक कोने में कई बार एक जगह स्थिर दिखाई देती हैं और उस वक्त वो सोती रहती हैं. सोने के टाइम की बात करें तो यह कुछ मछलियों में अलग भी होता है और रात में ज्यादातर मछलियां आराम करती हैं.

क्या आंखे भी बंद करती है?

अधिकतर मछलियों के पलके नहीं होती हैं तो उनकी आंखे हमेशा खुली ही दिखाई देती हैं. हर मछली के सोने का तरीका अलग होता है. कई मछलियां गहराई में जाकर या किसी पत्थर की आड़ में सोती हैं. वैसे कहा जाता है कि अपने अंडों की रक्षा आदि के वक्त वो कई दिनों तक सोती नहीं है और तैरती रहती हैं. इसलिए सोने की क्रिया हर मछली की अलग होती है.

मच्छरदानी भी बनाती है मछलियां

क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के एलेक्जेंडर ग्रूटर की अगुवाई वाले वैज्ञानिकों के एक अंतरराष्ट्रीय दल ने अपनी रिसर्च में पाया कि मछली जब सोती है तब परजीवी से बचने के लिए मच्छरदानी की भांति म्यूकस कोकुन बना लेती है. वैज्ञानिकों का कहना है कि म्यूकस कोकुन मछलियों को रात में शिकार करने वाले अन्य जलजीवों से बचाता है, लेकिन इसकी जांच के लिए कोई भी प्रयोगात्मक अध्ययन नहीं किया गया था.