Panchvarshiya yojana

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पंचवर्षीय योजना का इतिहास

9 जुलाई 1951 को भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने पहली पंचवर्षीय योजना प्रस्तुत की थी पंचवर्षीय योजना आजादी के बाद भारत सरकार द्वारा संसाधन में प्रभावी और संतुलित उपयोग के लिए अपनाएं गई योजनाओं का एक औपचारिक मॉडल था। 5 वर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य संस्था जनों का उचित आवंटन उत्पादन में वृद्धि तथा हर किसी के लिए रोजगार का अवसर प्रदान करना है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था कि देश में सभी नागरिकों के जीवन में सुधार आए।

पंचवर्षीय योजना की विशेषताएं

  • पंचवर्षीय योजना को 1951 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू द्वारा प्रस्तुत किया गया था।
  • इस योजना के संचालन के लिए 15 मार्च 1950 को भारतीय योजना आयोग का गठन किया गया था।
  • इन 5 वर्षीय योजना को 5 वर्ष तक चलाया जाता है जिससे कि देश में विकास हो और अगले 5 साल के लिए एक नई योजना बनाई जाए।
  • इस योजना के माध्यम से सामाजिक न्याय गरीबी हटाना पूर्ण रोजगार आधुनिकरण आदि की तरफ भी ध्यान केंद्रित किया जाता है।
  • अब तक देश में 13 पंचवर्षीय योजना आरंभ की जा चुकी हैं।
  • पंचवर्षीय योजना का मुख्य उद्देश्य देश की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने तथा देशवासियों के लिए जीवनशैली में सुधार लाना है।

पहली पंचवर्षीय योजना (1951-1956)
पंचवर्षीय योजना के मुख्य तथ्य
द्वितीय पंचवर्षीय योजना (1956 -1961 )
द्वितीय पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य
तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966)
तृतीय पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य
चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974)
चौथी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य
Kishore Vaigyanik Protsahan Yojana 2022

पंचवर्षीय योजना की विशेषताएं
पंचवर्षीय योजना का इतिहास
बाहरवीं पंचवर्षीय योजना (2012 -2017

पहली पंचवर्षीय योजना (1951-1956)

पहली पंचवर्षीय योजना हमारे देश के प्रथम प्रिय प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू जी द्वारा 8 दिसंबर 1951 को आरंभ कि गई थी। यह योजना हैरोड डोमर मॉडल पर आधारित थी इसमें सबसे ज्यादा प्राथमिकता कृषि विकास को दिया गया था। इस योजना में वृद्धि का लक्ष्य 2.1% का था परंतु इससे प्राप्ति 3.6% की हुई थी। इस योजना का कुल बजट 2603 अरब था। इस योजना को 7 व्यापक क्षेत्रों में आमंत्रित किया गया था जो कि कुछ इस प्रकार हैं

  • सिंचाई और ऊर्जा
  • कृषि और सामुदायिक विकास
  • परिवहन और संचार
  • उद्योग
  • सामाजिक सेवाओं के लिए
  • भूमि पुनर्वास के लिए
  • तथा अन्य क्षेत्र और सेवाओं के लिए

प्रथम पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का मुख्य लक्ष्य था ऋषि को प्राथमिकता देना
  • शरणार्थियों का पुनर्वास पढ़ना
  • इस योजना में सर्वजन विकास की प्रक्रिया आरंभ की गई जिससे राष्ट्रीय आय में लगातार वृद्धि रही
  • खाद्यान्नों के मामले में कम से कम तीन चीजों पर निर्भर थे पहली आत्मनिर्भरता प्राप्त करना दूसरा मुद्रास्फीति तथा नियंत्रण करना

दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-1961)

2nd पंचवर्षीय योजना उद्योग पर ध्यान केंद्रित योजना है इस योजना को 1956 से 1961 तक चलाया गया था। यह योजना महालनोविस मॉडल पर आधारित थी। इस योजना को लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के तहत कोयला उत्पादन बढ़ा दिया गया था और रेलवे लाइनों को उत्तर पूर्व से जोड़ा गया था। इस योजना में वृद्धि का लक्ष्य 4.5% था और प्राप्ति 4.27% की हुई। 

दूसरी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • पूर्ण रूप से भारी उद्योग पर ध्यान केंद्रित करना।
  • इसके अंतर्गत उत्पादकों के घरेलू उत्पादन को प्रोत्साहित किया गया
  • यह एक बंद अर्थव्यवस्था है, इसमें मुख्य व्यापारिक गतिविधि आयात पूंजीगत वस्तुओं पर केंद्रित होगा।
  • इस योजना के तहत भारी परियोजना को पांच स्टील मिलो जैसे भिलाई, दुर्गापुर, राउरकेला आदि स्थानों स्थापित किए .

तृतीय पंचवर्षीय योजना (1961-1966)

यह योजना 1961 से लेकर 1966 तक चलिए योजना के तहत कृषि और गेहूं के उत्पादन में सुधार पर ज्यादा जोर दिया गया लेकिन 1962 के संक्षेप भारत चीन युद्ध अर्थव्यवस्था ने कमजोरियों को उजागर और रक्षा उद्योग की ध्यान केंद्रित कर दिया। इस योजना के तहत कई सीमेंट और उर्वरक संयंत्र भी बनाए गए साथ-साथ पंजाब में गेहूं का बहुतायत उत्पादन शुरू किया गया और साथ-साथ कई ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्कूल भी शुरू किए गए।

तृतीय वर्ष योजना के लक्ष्य

  • इस योजना के तहत कृषि व उद्योग के विकास पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया।
  • इस योजना के तहत कृषि को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की गई।
  • तृतीय वर्ष योजना के तहत 5.6% वृद्धि प्राप्त करने का लक्ष्य था तथा प्राप्त केवल 2.84% हुई।

चौथी पंचवर्षीय योजना (1969-1974)

4th पंचवर्षीय योजना देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के द्वारा 1969 मैं आरंभ की गई थी इस योजना के तहत इंदिरा गांधी द्वारा 14 प्रमुख भारतीय बैंकों को राष्ट्रीय कृत किया और हरित क्रांति में कृषि प्राप्त की। इस योजना के तहत 1971 में इंदिरा गांधी ने गरीब हटाओ का नारा दिया तथा औद्योगिक विकास के लिए निर्धारित फंड युद्ध के प्रयास के लिए भेज दिए थे।

चौथी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य

  • इस योजना के तहत प्राथमिकता आर्थिक विकास को दी गई।
  • इसके तहत आत्मनिर्भरता के अधिकारिक प्राप्ति हुई।
  • तथा इस योजना का लक्ष्य दर 5.7%, और प्राप्ति केवल 3.3% की हुई।

पांचवी पंचवर्षीय योजना (1974-1979)

5th पंचवर्षीय योजना के तहत तनाव रोजगार गरीबी उन्मूलन और न्याय पर रखी गई इस योजना के तहत कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया। पांचवी पंचवर्षीय योजना के तहत भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्रणाली पहली बार के लिए पेश किया गया था और कई सड़कों के लिए बढ़ती यातायात को समायोजित चौड़ी है।

पांचवी पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य

  • इस योजना के तहत ज्यादा बिहान कृषि उत्पादन और आत्मनिर्भरता पर दिया गया।
  • इस योजना के तहत उचित मूल्य पर अनिवार्य उपभोग की वस्तुएं कम से कम निर्धन वर्ग उपलब्ध करवाने के लिए सरकार वसूली तथा विवरण रखा गया।
  • एक सुख में तथा न्याय संगत आय मजदूरी कीमत संतुलन की स्थापना हुई।
  • इस योजना का लक्ष्य पर 5.5% था तथा प्राप्ति 3.3% की हुई।

6th पंचवर्षीय योजना (1980-1985)

छठी पंचवर्षीय योजना आर्थिक उदारीकरण के लिए शुरू की गई थी। इस योजना के तहत ज़ोर दिया गया कि अर्थव्यवस्था का विस्तार करके ही समस्या का समाधान किया जा सकता है। और उसके साथ-साथ जनसंख्या को रोकने के क्रम में परिवार नियोजन भी विस्तार किया गया था। इस योजना के अंतर्गत देश में गरीबी को खत्म करके रोज़गार पैदा करने पर ज्यादा ध्यान केंद्रित किया गया।

छठी पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का मुख्य लक्ष्य था कि गरीबी का निवारण किया जाए और आर्थिक विकास पर ज्यादा ध्यान दिया जाए।
  • न्यूनतम अभिषेक का कार्यक्रम द्वारा निम्नतम आय वर्गों की आय बढ़ाना।
  • इस योजना का लक्ष्य दर 5.0% था तथा प्राप्ति 6.01% की हुई।

सातवीं पंचवर्षीय योजना (1985-1990)

सातवीं पंचवर्षीय योजना भारत में उत्पादन में बढ़ोतरी और रोजगार के अवसर पैदा करने के लिए शुरू कि गई। सातवीं पंचवर्षीय योजना के तहत इंदिरा गांधी आवास योजना तथा जवाहर रोजगार योजना और नेहरू रोजगार योजना को लागू किया गया था। यह योजना समाजवाद और बड़े पैमाने पर ऊर्जा उत्पादन के दिशा में प्रयासरत था।

7th पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • गरीबी हटाना।
  • विभिन्न रोजगार के अवसर प्रदान करना।
  • ग्रामीण विकास कार्यक्रम को अपनाना।
  • समाज सेवाओं की उन्नति करना

आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-1997)

8th पंचवर्षीय योजना देश में सर्वोच्च प्राथमिकता मानव संस्थान का विकास रोजगार तथा शिक्षा व जनस्वास्थ्य प्रदान करने के लिए की गई इस योजना के तहत शिक्षा को बेहतर बनाने का लक्ष्य रखा गया। इस योजना के अंतर्गत भारतीय अर्थव्यवस्था के क्रमिक खोलने के तेजी से बढ़ते घाटे और विदेशी कर्ज को सही किया गया था। योजना का उद्देश्य था कि जनसंख्या में वृद्धि हो, गरीबी में कमी आए, रोजगार सर्जन को नियंत्रित किया जाए, बुनियादी ढांचे संस्था का निर्माण, पर्यटन प्रबंधन, मानव संसाधन, विकास पंचायत, राज नगर पालिका, गैर सरकारी संगठन, विकेंद्रीकरण और लोगों की भागीदारी को मजबूत बनाया जाए।

आठवीं पंचवर्षीय योजना के लक्ष्य

  • 15 से 35 वर्ष की आयु समूह के लोगों के बीच में निरक्षरता उन्मूलन तथा प्राथमिकता शिक्षा का सार्वभौमीकरण हो।
  • शताब्दी के अंत हो तथा रोजगार प्राप्त हो।
  • स्वच्छ पीने का पानी उपलब्ध हो तथा मैला ढोने तयकी प्रथा की समाप्ति हो।

नवी पंचवर्षीय योजना (1997-2002)

नवी पंचवर्षीय योजना भारत में औद्योगिकरण मानव विकास पूर्ण प्रमाने पर रोजगार गरीबी में कमी और घरेलू संस्थानों पर आत्मनिर्भरता जैसे उद्देश्यों के लिए आरंभ किया गया। इस योजना के अंतर्गत स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना जवाहर ग्राम समृद्धि योजना स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना प्रधान मंत्री ग्रामोदय योजना को शामिल किया गया था

9th पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना का मुख्य लक्ष्य है कि रोजगार आत्मनिर्भरता और क्षेत्रीय संतुलन जैसे क्षेत्रों पर बल दिया जाए।
  • 9th पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य है कि प्राथमिक संस्थानों का उचित तरीके से उपयोग किया जाए तथा पूर्ण रूप से संरक्षण किया जाए।
  • इस योजना का लक्ष्य दर 3.9% और प्राप्ति केवल 2.1% की हुई।

दसवीं पंचवर्षीय योजना (2002-2007)

इस पंचवर्षीय योजना गरीबी अनुपात में कमी करके श्रम शक्ति के अलावा लाभकारी और उच्च गुणवत्ता वाले रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए शुरू की गई थी इस योजना के अंतर्गत देश के उन क्षेत्रों में तेजी से ज्यादा विकास किया गया जहां पर रोजगार के अवसर उपलब्ध। इस योजना के अंतर्गत कृषि, निर्माण पर्यटन लघु उद्योग खुदरा सूचना प्रौद्योगिकी और संचार क्षेत्र में संबंधित सेवाएं आदि उपलब्ध हैं।

दसवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • इस योजना को देश में अविकसित क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के लिए शुरू किया गया था।
  • 10th पंचवर्षीय योजना में सबसे ज्यादा ध्यान कृषि पर दिया गया तथा सबसे ज्यादा खर्च ऊर्जा पर किया गया।
  • इस योजना का लक्ष्य था कि वर्ष 2007 तक प्राथमिक शिक्षा की पहुंच को सर्वव्यापी बनाना।

11वीं पंचवर्षीय योजना (2012-2017)

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना को प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह के द्वारा शुरू किया गया था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य था कि देश में तीर्वतम एवं समावेशी विकास किया जाए। इस योजना का कुल बजट 71731.98 करोड़ों रुपए था।

ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • 9 परसेंट वार्षिक विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त करना।
  • कृषि में 4% उघागे एवं सेवाओं में 9 से 11 परसेंट प्रतिवर्ष वृद्धि का लक्ष्य प्राप्त करना।
  • बचत दर में 34.8% तथा निवेश दर 36.7% का लक्ष्य था।
  • निर्धनता अनुपात में 10% बिंदु की कमी करना

12वीं पंचवर्षीय योजना क्या है (2012-2017)

12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत आयोग ने वर्ष 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 तक चलने वाली 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 10 फ़ीसदी की आर्थिक विकास दर हासिल करने का उद्देश्य रखा गया था। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक क्षेत्र में कृषि उद्योग ऊर्जा परिवहन संचार ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास को शामिल किया गया तथा सामाजिक क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा रोजगार और कौशल विकास महिला अभिकरण बाल अधिकार एवं सामाजिक समावेशन को शामिल किया गया।

12वीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • योजना का उद्देश्य के तहत 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 10 परसेंट की आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
  • वैश्विक आर्थिक संकट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा।
  • इसके चलते 11 पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास दर की रफ्तार को 9% से घटाकर 8.1% करने का उद्देश्य दिया गया।

12वीं पंचवर्षीय योजना क्या है (2012-2017)

12वीं पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत आयोग ने वर्ष 1 अप्रैल 2012 से 31 मार्च 2017 तक चलने वाली 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 10 फ़ीसदी की आर्थिक विकास दर हासिल करने का उद्देश्य रखा गया था। इस योजना के अंतर्गत आर्थिक क्षेत्र में कृषि उद्योग ऊर्जा परिवहन संचार ग्रामीण विकास एवं शहरी विकास को शामिल किया गया तथा सामाजिक क्षेत्र में स्वास्थ्य शिक्षा रोजगार और कौशल विकास महिला अभिकरण बाल अधिकार एवं सामाजिक समावेशन को शामिल किया गया।

12वीं पंचवर्षीय योजना का लक्ष्य

  • योजना का उद्देश्य के तहत 12वीं पंचवर्षीय योजना में सालाना 10 परसेंट की आर्थिक विकास दर हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
  • वैश्विक आर्थिक संकट का असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा।
  • इसके चलते 11 पंचवर्षीय योजना में आर्थिक विकास दर की रफ्तार को 9% से घटाकर 8.1% करने का उद्देश्य दिया गया।