Para and apara vidya in hindi

भारतीय संस्कृति के सन्दर्भ में, परा विद्या से तात्पर्य स्वयं को जानने (आत्मज्ञान) या परम सत्य को जानने से है। … ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद, शिक्षा, कल्प, व्याकरणं, निरुक्तं, छन्द, ज्योतिष – ये अपरा विद्या हैं। और परा विद्या वह है जिसके द्वारा वह ‘अक्षर’ (नष्ट न होने वाला) जाना जाता है।)