Parsi dharm ke sansthapak

पारसी या जोरास्ट्रियन का नाम इसके संस्थापक जरथुस्ट्र के नाम पर रखा गया है. 1800 से 1000 ईसा पूर्व के बीच में जुराद्रथ ने धार्मिक उपदेश दिए. पारसी धर्म के संस्थापक जरथुस्ट्र ने ईश्वरीय गुण वाले इंसान अहुरमज्दा की बात की. कुछ ही समय में ईसाई और इस्लाम में भी ऐसी अवधारणाएं शामिल कर ली गईं.