Prithvi se aakash ki duri kitni hai

अब अगर धरती se आसमान ki दूरी पता करनी है तो आसमान mein किसी ऐसी चीज ka पता करना होगा जो ki धरती ke सबसे पास है। तारे aur ग्रह बहुत दूर होते hain परंतु बादल आसमान में धरती ke सबसे पास पाई जाने wali वस्तु है। ऐसी स्थिति में धरती se बादलों ki दूरी ही धरती से आसमान की दूरी कही jaa सकती hai। कहीं-कहीं बादल केवल 2 किलोमीटर ki ऊंचाई पर होते हैं to कहीं inki ऊंचाई 18 किलोमीटर तक हो सकती hai।

यह इस बात par depend करता है ki आप समुद्र तल se कितनी ऊंचाई पर रह rahe है। तो सरल शब्दों mein कहा जाए to आसमान की धरती से दूरी 2 किलोमीटर se 18 किलोमीटर ke बीच mein होती hai। परंतु कई वैज्ञानिक इस बात se सहमत नहीं है , उनका मानना hai कि धरती se आसमान ki दूरी 0 किलोमीटर है क्योकि उनके अनुसार जमीन apne आप mein आसमान ka हिस्सा hai।

दिन के समय तो सूरज ki रोशनी ke कारण आसमान ki visibility kam होती है परंतु रात ko आपको लाखों करोड़ों तारे नजर आते hain। परंतु इनके विषय mein सबसे रोचक बात yah है कि aap इन तारों ka वर्तमान नहीं देख रहे हैं बल्कि इतिहास देख rahe हैं।

सरल शब्दों में कहा जाए to आप इन तारों ko तब देखते हैं जब इन se निकलता hua प्रकाश आपकी आंखों tak पहुंचता hai , हो सकता है कि इस प्रकाश ko पहुंचने mein कुछ मिनट लगे हो और यह भी हो सकता है ki yah प्रकाश करोड़ों साल बाद आप ki आंखों tak पहुंच रहा हो ऐसी स्थिति mein आप उस star ke कुछ मिनट पुराने इतिहास ya करोड़ों साल पुराने इतिहास ko देख रहे hain।

उदाहरण ke लिए सूर्य se धरती तक प्रकाश पहुंचने mein लगभग 8 मिनट ka समय लगता है अर्थात jab आप सूर्य को देखते हैं to आप सूर्य 8 मिनट पहले कैसा दिखता tha yah देखते हैं। ना कि वर्तमान mein कैसा दिख रहा hai। क्योंकि हम पृथ्वी mein रहते हैं aur पृथ्वी सूर्य का चक्कर लगाती hai इसीलिए हमारे लिए sabse महत्वपूर्ण तारा सूर्य hai परंतु kya आपको पता है कि वैज्ञानिकों ke अनुसार दुनिया mein जितने तारे hain उनमें se ज्यादातर तारे सूर्य से बड़े आकार ke हैं।