Rochak tathya in hindi

यह दुनिया जितनी खूबसूरत है, उतनी ही रोचक भी है. यूं तो आपने आजतक दुनिया से जुड़े कई ऐसे रोचक तथ्यों के बारे में सुना होगा, जो लोगों को हैरान कर देते हैं.

कुदरत की बनाई ये दुनिया जितनी खूबसूरत है, उतनी ही रोचक भी है, इस दुनिया में कई ऐसे तथ्य है जिनके बारे में जानकर हैरानी होती है. इसी कड़ी में आज हम कुछ ऐसे ही रोचक तथ्यों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे जानने के बाद शायद आप उसपर यकीन करने से पहले कई बार सोचेंगे.

मेघालय में एक नदी है ‘उमंगोट नदी’, जिसे भारत की सबसे साफ नदी कहा जाता है. यह नदी मावल्यान्नांग गांव के पास है, जिसे एशिया का सबसे स्वच्छ गांव कहा जाता है. गांव में करीब 300 घर हैं और सभी मिलकर इस नदी की साफ-सफाई करते हैं. सबसे खास बात ये है कि इस नदी में गंदगी फैलाने पर लोगों से 5000 रुपये तक का जुर्माना वसूला जाता है. 

आमतौर पर ऐसा माना जाता है कि नोट कागज के बनते हैं, लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि नोट कागज के नहीं बल्कि कपास के बनते हैं. ऐसा इसलिए, क्योंकि कपास कागज की तुलना में अधिक मजबूत होते हैं और वो जल्दी फटते नहीं हैं.

नामीबिया में एक ऐसी जगह है, जहां अटलांटिक महासागर यहां के वेस्ट कोस्ट रेगिस्तान से मिलता है. यह दुनिया का सबसे पुराना रेगिस्तान है, जो करीब साढ़े पांच करोड़ साल से भी ज्यादा पुराना है. खास बात ये है कि यहां दिखने वाले रेत के टीले पूरी दुनिया में सबसे बड़े हैं.

एटीएम कार्ड तो अधिकतर हर कोई इस्तेमाल करता है। ATM मशीन आने के बाद पैसा निकालना लोगों के लिए बहुत ही आसान हो गया लेकिन कभी आपने सोचा है कि एटीएम कार्ड का पिन चार अंकों का ही क्यों होता है। शायद आपको लगता होगा कि चार अंकों को याद रखना आसान है इसलिए। हां ये कुछ हद तक सही भी है लेकिन इसके पीछे भी एक रोचक कहानी है जो शायद आपको नहीं पता होगी। एटीएम मशीन को बनाने वाले व्यक्ति ने सबसे पहले एटीएम के लिए छह अंकों का पिन निर्धारित किया था लेकिन उनकी पत्नी को इसे याद रखने में दिक्कत होती थी इसलिए उन्होंने बाद में इसे चार अंकों का कर दिया हांलांकि आज भी कुछ बैंकों में एटीएम पिन छह अंकों का ही होता है।

ताश के पत्तों का रोचक तथ्यकिट्टी पार्टी और परिवार में मनोरंजन के लिए ताश तो बहुत से लोग खेलते होंगे। अगर नहीं भी खेले हो तो ताश के पत्तों को तो देखा ही होगा लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर ध्यान दिया है कि बादशाह के चार पत्तों से से लाल रंग के पत्ते (जिसे कुछ लोग पान का पत्ता भी कहते हैं) पर बादशाह की मूंछें नहीं होती हैं।