Sangya kise kahate hain

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Sangya kise kahate hain

किसी जाति, द्रव्य, गुण, भाव, व्यक्ति, स्थान और क्रिया आदि के नाम को संज्ञा कहते हैं। जैसे – पशु (जाति), सुन्दरता (गुण), व्यथा (भाव), मोहन (व्यक्ति), दिल्ली (स्थान), मारना (क्रिया)। जिस संज्ञा शब्द से पदार्थों की अवस्था, गुण-दोष, भाव या दशा, धर्म आदि का बोध हो उसे भाववाचक संज्ञा कहते हैं।

संज्ञा किसे कहते हैं संज्ञा के कितने भेद होते है?

संज्ञा मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती है. व्यक्तिवाचक संज्ञा. जातिवाचक संज्ञा और भाववाचक संज्ञा यह तीन प्रकार संज्ञा के होते हैं.

जातिवाचक संज्ञा के कितने भेद होते हैं?

संज्ञा के तीन भेद में पहले स्थान पर जातिवाचक संज्ञा को बताया गया है। इस जातिवाचक संज्ञा के भी 2 भेद हैं।

संज्ञा के कितने भेद होते हैं with examples?

संज्ञा के भेद और उदाहरण
व्यक्तिवाचक संज्ञा
जातिवाचक संज्ञा
भाववाचक संज्ञा
समुदाय या समूहवाचक संज्ञा
द्रव्यवाचक संज्ञा

सर्वनाम किसे कहते हैं उसके कितने भेद होते हैं?

सर्वनाम मुख्य रूप से 6 प्रकार के होते हैं पुरुषवाचक सर्वनाम, निश्चयवाचक सर्वनाम, अनिश्चयवाचक सर्वनाम, प्रश्नवाचक सर्वनाम, संबंधवाचक सर्वनाम और निजवाचक सर्वनाम यह सभी छह प्रकार सर्वनाम के होते हैं. इन सभी के अलग-अलग पहचान होती है. वह इन सभी के अलग-अलग अर्थ होते हैं. इन सभी का अलग-अलग काम होता है.

जातिवाचक संज्ञा का उदाहरण कौन सा है?

जिस शब्द से एक जाति के सभी प्राणियों अथवा वस्तुओं का बोध हो उसे जातिवाचक संज्ञा कहते हैं। जैसे- बच्चा ,जानवर, नदी , अध्यापक , बाजार , पहाड़ ,खिड़की आदि शब्द एक ही प्रकार प्राणी वस्तु और स्थान का बोध करा रहे हैं, इसलिए यह जातिवाचक संज्ञा है।

विशेषण के कितने भेद होते हैं?

विशेषण के चारो भेद इस प्रकार हैं :- गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक विशेषण, संख्यावाचक विशेषण और सर्वनामिक विशेषण.

नाम के कितने भेद होते हैं?

  • पुरुषवाचक सर्वनाम
  • निश्चयवाचक सर्वनाम
  • अनिश्चयवाचक सर्वनाम
  • सम्बन्धवाचक सर्वनाम
  • प्रश्नवाचक सर्वनाम
  • निजवाचक सर्वनाम

संधि के कितने भेद होते हैं?

संधि के तीन भेद होते हैं- स्वर संधि, व्यंजन संधि और विसर्ग संधि। जब दो शब्द मिलते हैं तो पहले शब्द की अंतिम ध्वनि और दूसरे शब्द की पहली ध्वनि आपस में मिलकर जो परिवर्तन लाती हैं उसे संधि कहते हैं। अर्थात संधि किये गये शब्दों को अलग-अलग करके पहले की तरह करना ही संधि विच्छेद कहलाता है।

सुंदरता में कौन सी संज्ञा है?

यहाँ पर सुंदरता शब्द से किसी भाव, अवस्था, गुण, दोष, दशा आदि का पता चल रहा है, अतः सुंदरता शब्द भाववाचक संज्ञा है।