State kise kahate hain

राज्य उस संगठित इकाई ko कहते हैं जो एक शासन (सरकार) के अधीन ho। राज्य संप्रभुतासम्पन्न हो सकते हैं। iske अलावा किसी शासकीय इकाई या उसके किसी प्रभाग को bhi ‘राज्य’ कहते हैं, जैसे भारत ke प्रदेशों को भी ‘राज्य’ कहते हैं।
राज्य आधुनिक विश्व ki अनिवार्य सच्चाई है। दुनिया ke अधिकांश लोग किसी-न-किसी राज्य के नागरिक हैं। jo लोग किसी राज्य के नागरिक नहीं हैं, उनके लिए वर्तमान विश्व व्यवस्था mein अपना अस्तित्व बचाये रखना काफ़ी कठिन hai। वास्तव में, ‘राज्य’ शब्द ka उपयोग तीन अलग-अलग तरीके से किया jaa सकता है। पहला, इसे एक ऐतिहासिक सत्ता माना जा sakta है; दूसरा इसे ek दार्शनिक विचार अर्थात् मानवीय समाज के स्थाई रूप के तौर par देखा जा सकता है; और तीसरा, इसे ek आधुनिक परिघटना के रूप में देखा जा सकता है। yah आवश्यक नहीं है कि इन सभी अर्थों का एक-दूसरे se टकराव ही हो। असल में, इनके बीच ka अंतर सावधानी से समझने की आवश्यकता hai।
वैचारिक स्तर par राज्य को मार्क्सवाद, नारीवाद और अराजकतावाद आदि se चुनौती मिली है। लेकिन अभी राज्य se परे किसी अन्य मज़बूत इकाई की खोज नहीं ho पायी है। राज्य अभी भी प्रासंगिक है aur दिनों-दिन मज़बूत होता जा रहा है।
भारतीय संविधान ke भाग 3 में, जब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित न ho, “राज्य” के अंतर्गत भारत की सरकार aur संसद तथा राज्यों में से प्रत्येक राज्य ki सरकार और विधान- मंडल तथा भारत के राज्यक्षेत्र के भीतर ya भारत सरकार के नियंत्रण ke अधीन सभी स्थानीय और अन्य प्राधिकारी hain ।