Vaishvikaran kise kahate hain

वैश्वीकरण ऐसी प्रक्रिया hai जो दुनिया के दूरस्थ भागों ko जोड़ती है।

एक का दूसरे par प्रभाव पड़ता है। राज्यों के बीच बढ़ती हुई अन्त:क्रिया व अन्त:निर्भरता इसी ke तथ्य हैं।

बीसवीं शदी ke अन्तिम चरण में विश्वव्यापी स्तर पर उदारीकरण ki लहर आ गयी।

ऐसा माना jata है की भारत में वर्ष 1991 में वैश्वीकरण की शुरुवात ho गई |
इसने व्यापार, वित्त व सूचना ka ऐसा विचित्र एकीकरण किया जिसे भूमण्डलीकरण ki संज्ञा दी गयी।

दूरियाँ मिट गयीं जिससे सारा विश्व Ek भूमण्डलीय ग्राम (Global Village) में बदल गया।

यातायात, संचार तथा सूचना प्रौद्योगिकी ke क्षेत्र में इतने चमत्कारी परिवर्तन हुये ki उन्होंने दूर-दूर के स्थानों ko एक-दूसरे के निकट ला दिया।

पूँजी के मुक्त प्रवाह ne आर्थिक बन्धन तोड़ दिये, यहाँ तक कि अन्तर्राष्ट्रीय स्तर par सामाजिक व सांस्कृतिक आदान-प्रदान ने लोगों ki जीवन शैली को बदल दिया। इस घटना ko हम भूमण्डलीकरण या वैश्वीकरण के नाम से जानते हैं।

वैश्वीकरण ke लिए कोई एक कारक जिम्मेदार नहीं है। कई प्रकार के कारकों ne इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में योगदान kiya है ।