What is c++ language in hindi

C++ एक प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है, जो कि Object Oriented Programming System का हिस्सा है। इस लैंग्वेज को बजारने स्ट्रोस्ट्रुप ने 1985 में डेवलप किया था यह ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग को अनुमति देने के लिए अन्य विशेषताओं के साथ “classes” nominated एक अवधारणा का उपयोग करके डेटा abstract का उपयोग करता है।

C में virtual function नहीं होते हैं. C एक middle level programming language होती है, जो top down approach का इस्तेमाल करती है. C लैंग्वेज में namespace उपलब्ध नहीं होता है। C++ में वर्तमान में 35 से अधिक विभिन्न ऑपरेटर हैं, जो एरथमेटिक और बिट मैनीपुलेशन से लेकर लॉजिकल ऑपरेशन्स, तुलना और बहुत कुछ कर सकता हैं।

सी++ प्रोग्रामिंग का मुख्य उद्देश्य ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड अवधारणाओं को पहले से उपलब्ध C प्रोग्रामिंग में जोड़ना था। आज के समय में, ऑबजेक्ट ओरिएंटेड प्रोग्रामिंग को प्रोग्रामिंग में सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। C ++ प्रोग्रामिंग भाषा में लिखे गए प्रोग्राम ऑपरेटिंग सिस्टम जैसे की यूनिक्स, लिनक्स, विंडोज इत्यादि पर चलाए जा सकते हैं। ऑब्जेक्ट ओरिएंटेड अवधारणाओं का उपयोग करने के लिए क्लासेज (Classes) बनाई गई हैं।

विभिन्‍न प्रकार के Mobile Platforms, Satellite Connected Software , Set Top Box आदि के Software भी “C++” Language में Develop किये जाते हैं। iPhone व iPad की Programming के Codes को आसान व Reusable बनाने के लिए “C++” Language को Use किया जाता है।

  • C Language एक procedure-oriented programming language होती है और C++ एक procedure और Object-oriented programming language होती है.
  • C Language में कभी भी function overloading नहीं होता है जबकि C++ में होता है.
  • C Language एक top-down approach है जबकि C++ एक bottom-up approach है.
  • C Language में inheritance नहीं होता है जबकि C++ में होता है.
  • C Language में namespace भी नहीं पाया जाता है जबकि C++ में पाया जाता है.
  • C Language एक middle-level programming language होती है जबकि C++ एक high-level programming language होती है.
  • C++ में polymorphism concept होता है जबकि C Language में नहीं होता है
  • C Language में कोई भी virtual function नहीं होता जबकि C++ में होता है.
  • C Language में exception handling सम्भव नहीं होता है जबकि C++ में होता है.
  • C++ में user define और built-in दोनों data type होते हैं जबकि C Language में केवल built-in Data टाइप ही होता है.
  • C++ में operator overloading होता है जबकि C Language में नहीं होता है.
  • C Language में encapsulation का कांसेप्ट नहीं चलता है जबकि C++ में लता है.
  • C Language reference variable को सपोर्ट नहीं करती जबकि C++ करती है.

जैसा कि हमने पहले अध्ययन किया था, C++ कई प्रोग्रामिंग भाषाओं के लिए एक आधार भाषा है। इसलिए, अन्य प्रोग्रामिंग भाषाओं का अध्ययन करते समय C++ को मुख्य भाषा के रूप में सीखना एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह समान अवधारणाओं को साझा करता है जैसे डेटा प्रकार, ऑपरेटर, नियंत्रण कथन और कई और।

विभिन्न अनुप्रयोगों में ‘सी’ का व्यापक रूप से उपयोग किया जा सकता है। यह एक सरल भाषा है और तेजी से निष्पादन प्रदान करती है। मौजूदा बाजार में ‘सी’ डेवलपर के लिए कई नौकरियां उपलब्ध हैं। आजकी तारिक में आपको बहौत साड़ी नौकरी मिल जायेंगी, और आने वाले समय में भी इसका बहौत यूज़ किआ जायेगा।

अगर C++ आपने सिख ली तो आपको दुसरे कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज सिखने में कोई दिक्कत नहीं होगी, सी लैंग्वेज सीखे के बाद आप कंप्यूटर (Computer) के सिस्टम सॉफ्टवेर और एप्लीकेशन सॉफ्टवेर दोनों बना सकते हो।

आपको बता दें की C++ सबसे basic programing language है। अगर आप computer के programming field में enter करना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको C++ सीखना पड़ेगा। अगर आप बिना C++ को सीखे दुसरे प्रोग्रामिंग लैंग्वेज को सीखते हैं।

कंप्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज (Computer Programming Languages) में C++ लैंग्वेज बहोत ही पोपुलर है और इसका प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का इस्तेमाल अभी भी कई सॉफ्टवेर बनाने में किया जाता.