What is hardcopy and softcopy in hindi

एक hard copy एक प्रकार का printed document होता है. ये एक text file, photograph, drawing, या कोई दुसरे प्रकार का printable file हो सकता है.

उदाहरण के लिए, आप एक business memo को e-mail करने के जगह में, इसे आप एक hard copy के रूप में, या एक actual physical paper जिसमें की memo हो उसे आप भेज सकते हैं.

जब एक document को create किया जाता है एक computer पर, तब इसे typically save किया जाता है एक file के रूप में computer के hard drive में. इसे एक soft copy refer किया जाता है.

वहीँ एक Soft Copy को आसानी से Open और Edit किया जा सकता है एक computer में, वहीँ इसे आसानी से delete भी किया जा सकता है. वहीँ एक hard copy को print किया जाता है ताकि उस document की एक physical backup बनाया जा सके.

नमस्कार दोस्तों…आज हम आपको “Soft copy and Hard copy” अर्थात “सॉफ्टकॉपी और हार्डकॉपी” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम आपको बताएंगे कि “सॉफ्टकॉपी और हार्डकॉपी क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. कई लोग दोनों में कंफ्यूज हो जाते हैं, कि आखिर दोनों में अंतर क्या है, और सोचते हैं कि इसका पता लगा पाना भी बहुत मुश्किल होता होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. बड़ी आसानी से आप जान सकते हैं, कि दोनों में अंतर क्या है. तो चलिए आज जानते हैं दोनों के बीच का सही अंतर।

नमस्कार दोस्तों…आज हम आपको “Soft copy and Hard copy” अर्थात “सॉफ्टकॉपी और हार्डकॉपी” के विषय में बताने जा रहे हैं. आज हम आपको बताएंगे कि “सॉफ्टकॉपी और हार्डकॉपी क्या है और इनमे क्या अंतर होता है?”. कई लोग दोनों में कंफ्यूज हो जाते हैं, कि आखिर दोनों में अंतर क्या है, और सोचते हैं कि इसका पता लगा पाना भी बहुत मुश्किल होता होगा, लेकिन ऐसा नहीं है. बड़ी आसानी से आप जान सकते हैं, कि दोनों में अंतर क्या है. तो चलिए आज जानते हैं दोनों के बीच का सही अंतर।

आपने अक्सर देखा होगा कि हम बहुत सी फाइल को कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट या फ़ोन में सेव रखते हैं, जिन्हे हम जब चाहें आसानी से प्रिंटर के जरिये निकलवा के अपने हाथ में ले सकते हैं. तो उस समय में जो फाइल कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट या फ़ोन में सेव होती है, जिन्हे हम छू नहीं सकते बिना प्रिंट कराये तो, वो सभी फाइल ही सॉफ्टकॉपी कहलाती हैं.

इन्हे हम आसानी से किसी को भी मेल कर सकते हैं, या pain drive के जरिये, ब्लूटूथ के जरिये, share-it के जरिये एक दूसरे को ट्रांसफर कर सकते हैं. इतना ही नहीं कभी कभी हम किसी डॉक्यूमेंट या इमेज को स्कैन करा के अपने कंप्यूटर, लैपटॉप, टेबलेट या फ़ोन में सेव करते हैं, उन्हें सुरक्षित रखने के लिए, तो वो Save फाइल भी सॉफ्ट कॉपी कहलाती है.